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राजस्थान में SI भर्ती परीक्षा रद्द: नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने बढ़ाई सियासी गर्मी

राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया। करीब एक साल से अदालत में लंबित इस मामले पर 14 अगस्त को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि परीक्षा में बड़े स्तर पर पेपर लीक और धांधली हुई, जिससे हजारों उम्मीदवारों के साथ अन्याय हुआ।

किसने क्या कहा?

फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा बोले, “हाईकोर्ट के फैसले से सच की जीत हुई है। इस भर्ती में 500 से ज्यादा उम्मीदवारों ने फर्जीवाड़ा करके सफलता हासिल की थी।” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने कहा, “यह स्वागत योग्य फैसला है। जो काम सरकार नहीं कर सकी, वो अदालत ने किया। युवाओं के साथ न्याय हुआ है।” नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, “कोर्ट का निर्णय सभी को मानना पड़ेगा। यह युवाओं के हित में है।” कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा, “न्यायालय का फैसला सर्वमान्य है और इसका पालन होगा।”

सरकार की दलील बनाम उम्मीदवारों की पीड़ा

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने तर्क दिया कि गड़बड़ी सिर्फ 68 अभ्यर्थियों तक सीमित थी — जिनमें 54 ट्रेनी एसआई, 6 चयनित उम्मीदवार और 8 फरार आरोपी शामिल हैं। सरकार का कहना था कि पूरी भर्ती रद्द करने की बजाय दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है और जांच एसओजी कर रही है। वहीं, कई चयनित उम्मीदवारों ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने परीक्षा ईमानदारी से दी थी। कुछ ने तो इस भर्ती के लिए अपनी पुरानी सरकारी नौकरी तक छोड़ दी थी। उनका तर्क था कि पूरी भर्ती रद्द होने से हजारों योग्य उम्मीदवारों का भविष्य अंधेरे में चला जाएगा।

कोर्ट का अंतिम फैसला

हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद भर्ती को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि “चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुचिता सर्वोपरि है। जब उस पर संदेह हो, तो प्रक्रिया को जारी रखना उचित नहीं।”

अब आगे क्या होगा?

इस फैसले के बाद हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। हालांकि कोर्ट ने संकेत दिया है कि राज्य सरकार को नई भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शुरू करनी होगी। यह फैसला सिर्फ एक भर्ती का अंत नहीं, बल्कि भविष्य में सरकारी भर्तियों की विश्वसनीयता और पारदर्शिता के लिए भी मील का पत्थर माना जा रहा है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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