भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ट्राई-नेशन ए सीरीज के फाइनल में ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास के पन्नों को ही बदल दिया। श्रीलंका ए के खिलाफ खिताबी मुकाबले में सूर्यवंशी ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। भारत ए के सलामी बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में 50 रन पूरे किए, जिसमें 5 छक्के और 6 चौके शामिल रहे। इसके साथ ही वे लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
21 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
इससे पहले लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने वर्ष 2005 में रगामा क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते हुए 12 गेंदों में फिफ्टी पूरी की थी। सूर्यवंशी ने उस रिकॉर्ड को एक गेंद पहले ही ध्वस्त कर इतिहास रच दिया।
सरफराज खान का भारतीय रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ा
वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ विश्व रिकॉर्ड ही नहीं तोड़ा, बल्कि भारतीय क्रिकेट का सबसे तेज लिस्ट-ए अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह उपलब्धि सरफराज खान के नाम थी, जिन्होंने इसी वर्ष मुंबई की ओर से खेलते हुए पंजाब के खिलाफ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। सरफराज ने उस दौरान अभिजीत काले का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। काले ने 1995 में 16 गेंदों में अर्धशतक जमाया था। अब वैभव सूर्यवंशी ने इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
पहले ओवर से ही बरसाए रन
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए टीम को प्रियांश आर्या और वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी शुरुआत दिलाई। दूसरे ओवर में सूर्यवंशी ने अकेले 26 रन बटोर लिए। इसके बाद चौथे ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के सामने श्रीलंका ए के गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए और फाइनल मुकाबले का रुख शुरुआती ओवरों में ही भारत की ओर झुक गया।
आलोचनाओं का दिया करारा जवाब
इस टूर्नामेंट में फाइनल से पहले वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। श्रीलंका ए के खिलाफ दो मैचों में वे केवल 35 रन बना सके थे, जबकि अफगानिस्तान ए के खिलाफ दो मुकाबलों में उनके बल्ले से 85 रन निकले थे। उनकी बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठ रहे थे और कई मौकों पर मिले जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाने को लेकर आलोचना भी हो रही थी। लेकिन फाइनल जैसे बड़े मंच पर सूर्यवंशी ने शानदार जवाब देते हुए रिकॉर्डबुक में अपना नाम दर्ज करा लिया।
भारत ए की प्लेइंग इलेवन
प्रियांश आर्या, वैभव सूर्यवंशी, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शेडगे, निशांत सिंधु, अनुकूल रॉय, विप्रज निगम, अशोक शर्मा और यश ठाकुर।
श्रीलंका ए की प्लेइंग इलेवन
निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, नुवानिदु फर्नांडो, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविंदु फर्नांडो, वानुजा सहान, मोहम्मद शिराज, विजयकांत वियास्कंथ, दुलज समुदिथा और कुगथास मथुलन।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








