
राजसमन्द। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर स्थित पसुन्द क्षेत्र के दो सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट पर जल्द ही एलिवेटेड पुल (ओवरब्रिज) का निर्माण हो सकता है। ग्राम पंचायत पसुन्द के सरपंच अयन जोशी की इस महत्वपूर्ण पहल को राजसमन्द सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ का मजबूत समर्थन मिला है। सांसद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को अनुशंसा पत्र भेजकर शीघ्र पुल निर्माण की मांग की है।
दरअसल, सरपंच अयन जोशी ने पसुन्द क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों और गंभीर यातायात समस्याओं को लेकर एक विस्तृत व तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार कर सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ को सौंपा था। सांसद ने इसे जनहित का बेहद संवेदनशील मामला मानते हुए बिना देर किए केंद्र सरकार तक बात पहुंचाई है।
हर दूसरे दिन होता है हादसा, ‘ब्लैक स्पॉट’ बने दो क्रॉसिंग
प्रतिवेदन के अनुसार, पसुन्द का मुख्य प्रवेश मार्ग और तासोल रोड स्थित दोनों क्रॉसिंग क्षेत्र वर्तमान में बेहद संवेदनशील ‘ब्लैक स्पॉट’ बन चुके हैं। यहां लगभग हर दूसरे दिन कोई न कोई सड़क दुर्घटना होती है। इन हादसों में अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल होकर दिव्यांगता का शिकार हुए हैं।
क्यों जरूरी है यहां एलिवेटेड पुल?
- किसानों की मजबूरी: ग्राम के अधिकांश किसानों की कृषि भूमि हाईवे के दूसरी पार है। उन्हें प्रतिदिन ट्रैक्टर, मवेशियों और कृषि उपकरणों के साथ जान जोखिम में डालकर हाईवे पार करना पड़ता है।
- विद्यार्थियों और ग्रामीणों का जोखिम: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, ग्राम पंचायत कार्यालय, अटल सेवा केंद्र और कृषि विभाग जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान हाईवे के दूसरी तरफ स्थित हैं। रोज सैकड़ों छात्र, महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांगजन सुरक्षित क्रॉसिंग न होने के कारण खतरे के साए में सफर करते हैं।
- मार्बल हब की भारी ट्रैफिक: पसुन्द राजस्थान के सबसे बड़े मार्बल औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाता है। यहाँ करीब 140 मार्बल फैक्ट्रियां और प्रोसेसिंग यूनिट्स हैं। रोजाना हजारों श्रमिकों, व्यापारियों और भारी वाहनों (ट्रकों) की आवाजाही से यहां जाम और दुर्घटनाओं का दबाव बना रहता है।
सरपंच ने जताया आभार, ग्रामीणों में जगी उम्मीद
सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने पर सरपंच अयन जोशी ने उनका आभार व्यक्त किया है। सरपंच ने कहा:
”सांसद महोदया ने क्षेत्रवासियों के दर्द और इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता दी है। हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र सरकार मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस एलिवेटेड पुल के निर्माण को जल्द से जल्द हरी झंडी देगी।”
इस पहल के बाद पसुन्द एवं आस-पास के क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि ओवरब्रिज बनने से वर्षों पुरानी इस जानलेवा समस्या का स्थायी समाधान होगा और किसानों, छात्रों व व्यापारियों का आवागमन सुरक्षित हो सकेगा।








