स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने राज्य के औद्योगिक और पेट्रोलियम क्षेत्र के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी (HPCL Rajasthan Refinery Limited – HRRL) से प्रोसेस होकर निकलने वाले हाई स्पीड व लाइट स्पीड डीजल, पेट्रोल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले वैट (VAT) को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह टैक्स छूट व्यवस्था 15 अगस्त 2026 से लागू होकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद 1 अप्रैल 2027 से नई टैक्स व्यवस्था लागू की जाएगी। वर्तमान में राजस्थान में पेट्रोल पर 29.04 प्रतिशत और डीजल पर 17.30 प्रतिशत वैट लागू है।
तीन प्रमुख सार्वजनिक तेल कंपनियों को मिलेगा सीधा लाभ
राज्य सरकार ने पचपदरा रिफाइनरी (HRRL) को टैक्स छूट वाली आधिकारिक सूची में शामिल कर लिया है। इस फैसले के बाद देश की तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों—
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हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)
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भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL)
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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL)
को स्थानीय पचपदरा रिफाइनरी से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की खरीद करने पर वैट का भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, यह वैट छूट केवल राजस्थान राज्य की सीमा के भीतर होने वाली बिक्री पर ही मान्य होगी।
वैट नियमों में संशोधन और नया पोर्टल 15 अगस्त से शुरू
वित्त विभाग ने राजस्थान वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट (RVAT Act) के शेड्यूल-2 में संशोधन करते हुए पहले से जारी 24 टैक्स-मुक्त वस्तुओं की सूची में 25वें स्थान पर रिफाइनरी को शामिल किया है। इसके साथ ही, राज्य में पारदर्शी कर प्रणाली और राजस्व प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 15 अगस्त से एक नया वैट पोर्टल भी शुरू किया जा रहा है। इस पोर्टल पर वैट करदाताओं से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहेगी। वहीं, आबकारी नीतियों के तहत भारत निर्मित विदेशी शराब (IMFL) और विदेशी शराब की खुदरा बिक्री पर 30 प्रतिशत तथा डीलरों को बिक्री पर 20 प्रतिशत वैट लागू रहेगा।
पीएम मोदी ने किया था रिफाइनरी का लोकार्पण
उल्लेखनीय है कि 5 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा रिफाइनरी का औपचारिक लोकार्पण किया था। लोकार्पण के बाद से ही यहां वाणिज्यिक स्तर पर पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का उत्पादन जारी है। इस रिफाइनरी में बाड़मेर और जैसलमेर के स्थानीय तेल क्षेत्रों से निकलने वाले क्रूड ऑयल के साथ-साथ खाड़ी देशों से आयातित क्रूड ऑयल को भी रिफाइन किया जा रहा है। रिफाइनरी के पूर्ण संचालन और वैट छूट के इस कदम से पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोकेमिकल हब के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







