JEN भर्ती 2020 पेपर लीक: जयपुर में दूध बेचने वाला अभिषेक खंडेलवाल गिरफ्तार; SOG ने खोला 14-14 लाख की डील का राज

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जयपुर में कनिष्ठ अभियंता (JEN) भर्ती परीक्षा 2020 के पेपर लीक मामले में SOG की टीम ने कार्रवाई करते हुए 32 वर्षीय आरोपी अभिषेक खंडेलवाल को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि अभिषेक जयपुर के मानसरोवर इलाके में घर-घर दूध बेचने का काम करता था। हालांकि, जांच में सामने आया है कि वह पेपर लीक गैंग के मुख्य सरगनाओं के साथ मिलकर बतौर एजेंट अभ्यर्थियों को 14-14 लाख रुपये में सॉल्वड पेपर उपलब्ध कराता था।

दूध बेचने से लेकर पेपर लीक सिंडिकेट तक का सफर

SOG के अनुसार, अभिषेक खंडेलवाल मूल रूप से दौसा जिले के सैंथल थाना क्षेत्र के जसोता मेसरा गांव का निवासी है। जयपुर में वह न्यू सांगानेर रोड (मानसरोवर) स्थित राजीव विहार कॉलोनी में किराए पर रहता था। घर-घर दूध सप्लाई करने के दौरान उसकी मुलाकात मानसरोवर में ही रहने वाले भीम सिंह यादव से हुई। भीम सिंह पहले शराब के ठेकों पर लोडिंग-अनलोडिंग का काम करता था, जहां उसकी पहचान अभिषेक के छोटे भाई (जो शराब ठेके पर सेल्स मैनेजर था) से हुई थी। इसी कनेक्शन के जरिए अभिषेक और भीम सिंह के बीच दोस्ती गहरी हो गई और अभिषेक पेपर लीक नेटवर्क में सक्रिय एजेंट बन गया।

14-14 लाख में डील और ‘सेफ हाउस’ का इंतजाम

जांच में सामने आया है कि भीम सिंह यादव ने अभिषेक को JEN भर्ती 2020 का पेपर परीक्षा से पहले उपलब्ध होने की जानकारी दी थी। इसके बाद अभिषेक ने कई अभ्यर्थियों से संपर्क साधा और 14-14 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी में सॉल्वड पेपर पढ़ाने का सौदा तय किया।  आरोप है कि परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को उत्तर याद कराने और पढ़ाने के लिए मानसरोवर में जिस मकान का इस्तेमाल किया गया था, वह भी अभिषेक ने ही किराए पर लेकर गैंग को उपलब्ध कराया था।

भूपेंद्र सारण और भीम सिंह यादव ने लीक किया था पेपर

SOG के एडीजी (ADG) के मुताबिक, JEN भर्ती 2020 पेपर लीक प्रकरण में जनवरी 2026 में नया मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई थी। जांच में पता चला कि इस लीक का मुख्य मास्टरमाइंड भीम सिंह यादव और कुख्यात भूपेंद्र सारण थे। दोनों पहले ही कई परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में जेल में बंद हैं। नेटवर्क में अभिषेक की भूमिका की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

पेपर लीक के बाद रद्द करनी पड़ी थी परीक्षा

गौरतलब है कि JEN भर्ती 2020 की लिखित परीक्षा सितंबर 2021 में आयोजित की गई थी। पेपर लीक का खुलासा होने के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया था और लगभग एक साल बाद नए सिरे से परीक्षा कराई गई थी। परीक्षा रद्द होने के बावजूद SOG इस मामले से जुड़े नेटवर्क और कड़ियों की लगातार जांच कर रही थी, जिसके तहत यह ताजा गिरफ्तारी हुई है।

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manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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