जयपुर। राजस्थान की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिर्राज प्रसाद तिवारी का 105 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया और उनके सरल, संयमित जीवन एवं जिंदादिली की प्रशंसा की।
गिर्राज प्रसाद तिवारी का जीवन परिचय
1920 में जन्मे गिर्राज प्रसाद तिवारी ने वकालत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में वे एक बार प्रधान, एक बार जिला प्रमुख, दो बार विधायक रहे। साल 1985 से 1990 तक उन्होंने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण सेवाएं दीं। वे 29 मार्च 1985 से 31 जनवरी 1986 तक विधानसभा के उपाध्यक्ष और 31 जनवरी 1986 से 11 मार्च 1990 तक विधानसभा अध्यक्ष रहे।
इसके अलावा वे गृह समिति और विशेषाधिकारी समिति के सदस्य भी रहे।
पैतृक गांव बिड्यारी, बयाना में अंतिम संस्कार
भरतपुर जिले के दिग्गज नेता तिवारी का अंतिम संस्कार आज उनके पैतृक गांव बिड्यारी, बयाना में किया जाएगा। उनके निधन पर क्षेत्र में गहरी शोक की लहर है और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
नेताओं ने जताया शोक
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि गिर्राज प्रसाद तिवारी संसदीय परंपराओं के गहरे जानकार थे और उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि तिवारी का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायी रहा। गिर्राज प्रसाद तिवारी के निधन से राजस्थान ने एक अनुभवी, संयमित और प्रेरणादायी व्यक्तित्व खो दिया है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







