TMC में गहराया संकट! 21 सांसदों के बीजेपी में जाने की अटकलें, ममता बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर राजनीतिक संकट लगातार गहराता नजर आ रहा है। पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में उभरे बगावती गुट ने संगठन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इसी बीच ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि पार्टी के कई सांसद भी नेतृत्व से नाराज हैं और बड़े राजनीतिक फैसले की तैयारी में जुटे हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से करीब 21 सांसद इन दिनों दिल्ली में मौजूद हैं और लगातार बैठकों के जरिए आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज

बंगाली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टीएमसी के कुछ सांसद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी सांसद या पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता और मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे शुभेंदु अधिकारी भी सोमवार को दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसके बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है।

कई सांसदों के शामिल होने का दावा

बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई बैठकों में काकली घोष दस्तिदार, शताब्दी रॉय, असीत माल, प्रसून बंद्योपाध्याय, अरूप चक्रवर्ती, अबू ताहेर, सुखेंदु शेखर रॉय, शर्मिला सरकार, खलीलुर रहमान और जगदीश बर्मा बसुनिया समेत कई नेताओं की मौजूदगी की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, सांसद अलग-अलग समूहों में दिल्ली के होटलों और सरकारी आवासों में ठहरे हुए हैं तथा लगातार राजनीतिक परामर्श और बैठकों का दौर जारी है।

दो विकल्पों पर हो रही चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक असंतुष्ट सांसदों के बीच दो संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहला, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर मौजूदा संसदीय दल से अलग एक स्वतंत्र समूह के रूप में मान्यता की मांग करना। दूसरा विकल्प सामूहिक इस्तीफा देकर नए राजनीतिक समीकरण बनाने का बताया जा रहा है। हालांकि इन चर्चाओं को लेकर अभी तक किसी भी सांसद ने सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा

राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने बदलाव के पक्ष में ऐतिहासिक जनादेश दिया है। रॉय ने कहा कि राज्य की जनता ने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, रोजगार और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर परिवर्तन की अपेक्षा जताई है। जनता के फैसले का सम्मान करते हुए उन्होंने पार्टी और राज्यसभा दोनों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।

ममता और अभिषेक दिल्ली में

इस पूरे घटनाक्रम के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी भी दिल्ली में मौजूद हैं। दोनों नेता विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर चल रही हलचल और सांसदों की कथित नाराजगी ने नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

राजनीतिक भविष्य पर टिकी नजरें

टीएमसी के भीतर जारी असंतोष और संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर फिलहाल अटकलों का बाजार गर्म है। हालांकि पार्टी की ओर से स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में असंतुष्ट सांसद कौन सा रास्ता चुनते हैं और इसका पश्चिम बंगाल की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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