काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक से कोहराम: अस्पताल समेत 5 ठिकानों पर बमबारी, 400 से ज्यादा की मौत

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद अब एक भयानक युद्ध जैसी स्थिति में बदल गया है। सोमवार की देर रात पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के रिहाइशी और रणनीतिक इलाकों पर भीषण हवाई हमला किया। इस हमले में अब तक 400 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

आधी रात को दहला काबुल: राष्ट्रपति भवन के पास धमाके

चश्मदीदों के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सोमवार देर रात काबुल के आकाश में प्रवेश किया और एक के बाद एक 5 ठिकानों को निशाना बनाया। नशा मुक्ति केंद्र पर हमला: हमले में एक प्रमुख नशा मुक्ति अस्पताल का बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया। रणनीतिक क्षेत्र: धमाके राष्ट्रपति भवन और रक्षा विभाग के बेहद करीब स्थित इलाकों में भी हुए। भारी हताहत: अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हैं। मलबे में दबे लोगों को देखते हुए मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

तालिबान की कड़ी प्रतिक्रिया: ‘यह युद्ध अपराध है’

तालिबान सरकार ने इस हमले को अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया है। “पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन कर युद्ध अपराध किया है। रमजान के मुकद्दस महीने में बेगुनाहों का खून बहाना पाकिस्तान की कायरता को दर्शाता है।” वहीं, सुहैल शाहीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी जगहों को निशाना बनाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अफगान क्रिकेटरों ने जताया शोक, UN से की मांग

मैदान पर अपनी फिरकी से दुनिया को नचाने वाले अफगान क्रिकेटर्स भी इस घटना से टूट गए हैं। राशिद खान, मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह उमरजई जैसे स्टार खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपना गुस्सा और दुख जाहिर किया है।

  • राशिद खान: “बेगुनाहों की जान लेना अमानवीय है। मेरी प्रार्थनाएं पीड़ितों के साथ हैं।”

  • नबी और उमरजई: इन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) और मानवाधिकार एजेंसियों से इस नरसंहार की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।

तनाव की पृष्ठभूमि

बता दें कि अगस्त 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड रेखा और सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनातनी बनी हुई है। पिछले दो सालों में कई छोटी झड़पें हुई थीं, लेकिन काबुल के केंद्र में इस तरह की एयरस्ट्राइक ने युद्ध की आहट दे दी है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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