Rajasthan में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कम नामांकन वाले सरकारी स्कूलों को बंद कर उन्हें नजदीकी स्कूलों में मर्ज करने की तैयारी शुरू हो गई है।
10 हजार स्कूलों पर लटक रही तलवार
Bikaner से सामने आई जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 10 हजार सरकारी स्कूल इस फैसले की जद में आ सकते हैं। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
जारी प्रारूप के अनुसार:
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15 से कम नामांकन वाले प्राथमिक विद्यालय
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25 से कम नामांकन वाले उच्च प्राथमिक विद्यालय
की सूची तैयार की जा रही है।
नजदीकी स्कूलों में होगा मर्ज
शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों के साथ-साथ 39 से अधिक नामांकन वाले नजदीकी स्कूलों की जानकारी भी मांगी है, जहां इन छात्रों को शिफ्ट किया जा सकता है। माध्यमिक स्तर पर भी 30 से कम नामांकन वाले महात्मा गांधी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की सूची तैयार की जा रही है।
23 मार्च को होगा बड़ा फैसला
इस पूरे मामले पर 23 मार्च को Jaipur स्थित Dr. Radhakrishnan Shiksha Sankul में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में स्कूलों के एकीकरण (मर्जर) को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है, जिससे हजारों स्कूलों का भविष्य तय होगा।
शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ने 17 मार्च को आदेश जारी कर:
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0–14 नामांकन वाले प्राथमिक स्कूल
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0–24 नामांकन वाले उच्च प्राथमिक स्कूल
की जानकारी मांगी थी।
इन आंकड़ों को शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट किया जा चुका है। अब 23 मार्च तक सभी जिलों को तय प्रारूप में पूरी जानकारी जमा करनी होगी।
क्या होगा असर?
यदि यह योजना लागू होती है, तो
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छोटे गांवों में स्कूल बंद हो सकते हैं
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छात्रों को दूर के स्कूलों में जाना पड़ सकता है
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वहीं संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा
इस फैसले को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच चिंता भी बढ़ गई है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







