अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए घोषित हुए ऐतिहासिक युद्धविराम के बाद भारत में सियासत गरमा गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने आरोप लगाया कि भारत अपनी ‘निष्पक्ष छवि’ से पीछे हट गया है, जिसके कारण वह पश्चिम एशिया के इस बड़े संकट में मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाने में विफल रहा।
मध्यस्थता में पाकिस्तान का नाम आने पर ओवैसी के सवाल
ओवैसी ने इस बात पर गहरी चिंता और आश्चर्य जताया कि जिस भूमिका में भारत को होना चाहिए था, वहां पाकिस्तान का नाम सामने आ रहा है। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी को इस मामले की समीक्षा करनी चाहिए कि आखिर एक पड़ोसी देश, जिसने आतंकवाद के जरिए हमें हमेशा परेशान किया है, वह आज एक ‘शांति दूत’ की भूमिका में कैसे आ गया? ईरान हमेशा से भारत के करीब रहा है, फिर हम पीछे क्यों रह गए?”
‘पीएम मोदी की इजरायल यात्रा का समय था गलत’
ओवैसी ने मोदी सरकार की विदेश नीति को ‘फ्लॉप’ बताते हुए सीधे प्रधानमंत्री के इजरायल दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
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गलत टाइमिंग: संघर्ष शुरू होने से ठीक पहले पीएम मोदी का इजरायल जाना कूटनीतिक रूप से गलत फैसला था।
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खोई हुई क्षमता: भारत हमेशा से निष्पक्ष रहा है और हमारे पास वह ताकत थी कि हम दोनों पक्षों को मेज पर बिठाकर बात करा सकते थे, लेकिन अब हम वह अवसर खो चुके हैं।
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वैश्विक कद: दक्षिण एशिया में भारत की आवाज बहुत बड़ी है, लेकिन इस बार कूटनीतिक जीत किसी और के खाते में चली गई।
क्या है ट्रंप का 10 सूत्री ‘शांति प्रस्ताव’?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए घोषणा की कि वे दो सप्ताह के लिए ईरान पर हमले और बमबारी को निलंबित कर रहे हैं। ट्रंप ने माना कि ईरान का 10 सूत्री प्रस्ताव व्यावहारिक है और यह स्थायी समझौते का आधार बन सकता है। ट्रंप ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। इस युद्धविराम की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान तुरंत और सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने पर सहमत होगा।
ईरान की प्रतिक्रिया: ‘अगर हमला नहीं हुआ, तो हम रुकेंगे’
ईरान ने भी ट्रंप के इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पुष्टि की कि इस्लामिक गणराज्य दो सप्ताह के सैन्य विराम और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव है जब ईरान पर कोई नया हमला न किया जाए।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







