NATO पर Trump का बड़ा हमला, Iran युद्ध में साथ न देने का आरोप

ईरान युद्ध में हालिया सीजफायर के बाद अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Donald Trump ने इस बार अपना गुस्सा NATO पर निकाला है। अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाने वाले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संगठन की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े कर दिए।

NATO पर ट्रंप का तीखा हमला

हाल ही में Mark Rutte के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका को जरूरत थी, तब NATO देशों ने साथ नहीं दिया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि भविष्य में भी इस संगठन पर भरोसा करना मुश्किल है। ट्रंप ने NATO को “पेपर टाइगर” बताते हुए उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। बैठक के बाद ट्रंप ने अचानक Greenland का जिक्र भी छेड़ दिया। यह वही द्वीप है, जिसे लेकर वे पहले भी दावा जता चुके हैं। Greenland, जो Denmark के अधीन है, ट्रंप के इस बयान के बाद फिर से अंतरराष्ट्रीय बहस में आ गया है।

बैठक के पीछे क्या था एजेंडा?

बैठक से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि ट्रंप NATO से अमेरिका की संभावित दूरी या बाहर निकलने जैसे बड़े फैसलों पर चर्चा कर सकते हैं। हालांकि बैठक के बाद ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि यह मुद्दा ट्रंप के विचारों में शामिल है और चर्चा का हिस्सा भी रहा।

Iran युद्ध में NATO की भूमिका पर नाराजगी

ट्रंप खास तौर पर Iran के खिलाफ सैन्य अभियान में NATO देशों के सीमित समर्थन से नाराज हैं। उनका आरोप है कि कई सहयोगी देश पीछे हट गए या केवल औपचारिक समर्थन तक सीमित रहे। उन्होंने Strait of Hormuz में NATO की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

क्या अमेरिकी सैनिक हटाए जाएंगे?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप NATO से पूरी तरह अलग होने के बजाय एक नया विकल्प तलाश रहे हैं—ऐसे देशों से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, जिन्हें वे “कम मददगार” मानते हैं।
हालांकि NATO से पूरी तरह बाहर निकलना आसान नहीं है, क्योंकि इसके लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी जरूरी होगी। ईरान युद्ध के बाद NATO को लेकर ट्रंप के तेवर और सख्त हो गए हैं। उनके बयान आने वाले समय में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के रिश्तों पर गहरा असर डाल सकते हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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