पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ऐतिहासिक हार और सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नगर निगम भर्ती घोटाले और कोयला तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री सुजीत बोस और वर्तमान मंत्री रथिन घोष को फिर से पूछताछ के लिए समन भेजा है। माना जा रहा है कि चुनावी नतीजों के बाद जांच की धीमी पड़ी रफ्तार अब ‘बुलेट ट्रेन’ की गति पकड़ने वाली है।
भर्ती घोटाला: घेरे में ममता के दो बड़े सिपहसालार
नगर निगम भर्ती घोटाले की जांच में ED को पैसों के लेन-देन के ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर सत्ता के शीर्ष तक पहुंचते दिख रहे हैं। दोबारा पूछताछ: सुजीत बोस और रथिन घोष पहले भी एजेंसी के सामने पेश हो चुके हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उनके पिछले बयानों में कई विसंगतियां पाई गई हैं। लेन-देन के तार: ED को शक है कि नगर पालिकाओं में नियुक्तियों के बदले करोड़ों रुपये की उगाही की गई, जिसे कई प्रभावशाली नेताओं के बीच बांटा गया।
अभिषेक बनर्जी और कोयला घोटाले का ‘विदेशी’ कनेक्शन
जांच का सबसे बड़ा कांटा टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रुजीरा बनर्जी पर टिका है। ED के रडार पर अब कोयला घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की फाइलें फिर से खुल गई हैं। हवाला और शेल कंपनियां: ED का दावा है कि कोयला तस्करी से कमाया गया काला धन हवाला के जरिए विदेशों में भेजा गया। इस मामले में कई शेल कंपनियों के नेटवर्क का पता चला है। अभिषेक पर नजर: जांच एजेंसी जल्द ही अभिषेक बनर्जी को नए सिरे से पूछताछ के लिए बुला सकती है। रुजीरा बनर्जी पर भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है।
बदलते राजनीतिक हालात और ED की तेजी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के दौरान जांच की प्रक्रिया कुछ हद तक प्रशासनिक अड़चनों और अदालती कार्यवाहियों के कारण धीमी थी, लेकिन अब राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद जांच एजेंसियों को स्थानीय पुलिस और प्रशासन का सहयोग मिलने की उम्मीद है। पुलिस अधिकारियों पर भी नजर: इस घोटाले में केवल नेता ही नहीं, बल्कि कई पूर्व पुलिस अधिकारी और नौकरशाह भी ED की रडार पर हैं।
कोलकाता पुलिस का सख्त रुख: 80 गिरफ्तार
एक तरफ केंद्रीय एजेंसियां भ्रष्टाचार पर प्रहार कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर कोलकाता पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। चुनाव नतीजों के बाद बिना अनुमति जुलूस निकालने और हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। शहर में शांति बनाए रखने के लिए धारा 144 और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







