खेल और आतंक के बीच ‘लक्ष्मण रेखा’: भारत सरकार की नई स्पोर्ट्स पॉलिसी जारी, पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज पर पूरी तरह रोक

पहलगाम आतंकी हमलों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक वर्ष बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों को लेकर अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। खेल मंत्रालय ने 5 मई को जारी आधिकारिक मेमोरेंडम में साफ कहा है कि खेल और सीमा पार तनाव को अलग-अलग नजरिए से देखा जाएगा। यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत 2030 Commonwealth Games 2030 और 2036 Summer Olympics 2036 की मेजबानी हासिल करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है।

द्विपक्षीय और बहुपक्षीय आयोजनों के लिए अलग नीति

सरकार ने नई नीति में ‘द्विपक्षीय’ और ‘बहुपक्षीय’ टूर्नामेंटों के बीच स्पष्ट अंतर तय किया है। नई व्यवस्था के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी प्रकार की द्विपक्षीय क्रिकेट या अन्य खेल सीरीज आयोजित नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि न भारतीय टीम पाकिस्तान दौरे पर जाएगी और न ही पाकिस्तानी टीम को भारत में द्विपक्षीय मुकाबले खेलने की अनुमति मिलेगी। हालांकि, यदि भारत किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जैसे विश्व कप, एशिया कप या अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं की मेजबानी करता है, तो पाकिस्तानी खिलाड़ियों और टीमों को भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। इसमें संभावित रूप से 2029 ICC Champions Trophy 2029 और 2031 Cricket World Cup 2031 जैसे बड़े आयोजन भी शामिल हो सकते हैं। सरकार का कहना है कि International Cricket Council (ICC) और International Olympic Committee (IOC) जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों के नियमों का पालन करना भारत के लिए जरूरी है।

वीजा नियमों में दी जाएगी राहत

भारत खुद को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला लिया है। नई नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर 5 वर्ष तक का मल्टी-एंट्री वीजा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बड़े खेल आयोजनों के संचालन में आने वाली प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी।

पहलगाम हमलों के बाद बढ़ी थी कड़वाहट

पहलगाम आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के खेल संबंधों में तनाव और बढ़ गया था। 2025 एशिया कप और टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने को लेकर केंद्र सरकार को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा था। हालांकि अब भारत की नजर 2036 ओलंपिक मेजबानी पर है। इसी सिलसिले में Olympic Council of Asia (OCA) के अधिकारियों का अहमदाबाद दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए भारत को वैश्विक खेल नियमों और कूटनीतिक मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। भारत सरकार की यह नई नीति एक तरफ राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखती है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक खेल मंच पर अपनी दावेदारी को भी मजबूत करने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment