जयपुर। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि राजस्थान की राजनीति में नया सियासी तूफान खड़ा हो गया। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष Govind Singh Dotasra ने भाजपा के खिलाफ अब तक का सबसे आक्रामक बयान देते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए “जान देने” तक की बात कह दी। पीसीसी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोटासरा ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि राजस्थान में “बंगाल और असम वाला फॉर्मूला” सफल नहीं होने दिया जाएगा। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
‘सीने पर गोली खा लेंगे, सत्ता नहीं लूटने देंगे’
डोटासरा ने तीखे अंदाज में कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और राजस्थान की जनता भाजपा को किसी भी कीमत पर लोकतंत्र कमजोर नहीं करने देंगे। उन्होंने कहा, “हम सीने पर गोली खाकर जान दे देंगे, लेकिन भाजपा को राजस्थान की सत्ता लूटने नहीं देंगे।” डोटासरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस बाबा साहेब Bhimrao Ramji Ambedkar के संविधान और जनता के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करेगी।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा की चुनावी जीत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए एजेंसियों और चुनाव प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेताओं को भरोसा है कि वे “बंगाल और असम की तरह वोट लूटकर” सत्ता हासिल कर सकते हैं। डोटासरा ने कहा कि चाहे भाजपा किसी भी तरह की “सिस्टमेटिक इंस्टीट्यूशनल रिगिंग (SIR)” का सहारा ले, कांग्रेस राजस्थान में इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को करारा जवाब देगी।
‘जनता परेशान, सरकार जश्न में व्यस्त’
डोटासरा ने भाजपा नेताओं के जश्न मनाने के तरीके पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जनता पानी, रोजगार और इलाज जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है, जबकि भाजपा नेता “झालमुड़ी खाकर जश्न मना रहे हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसा माहौल बना रही है मानो कोई बड़ा चुनाव जीत लिया हो, जबकि सरकार पंचायत और निकाय चुनाव तक करवाने की स्थिति में नहीं दिख रही।
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने टोंक में पुलिसकर्मी की हत्या और पुलिस पर हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है। डोटासरा ने प्रदेश में बच्चियों के साथ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार इन घटनाओं पर गंभीर नजर नहीं आ रही। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और अस्पतालों में मरीजों को समय पर इलाज तक नहीं मिल पा रहा।
2028 चुनाव की रणनीति का संकेत?
राजनीतिक जानकार डोटासरा के इस बयान को सिर्फ तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस की आक्रामक रणनीति के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव पहले से ही तेज है, लेकिन डोटासरा के हालिया बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में सियासी लड़ाई और ज्यादा तीखी हो सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि भाजपा कांग्रेस के इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और क्या यह बयान आने वाले चुनावी माहौल को और गर्म करेगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








