जयपुर। गुलाबी नगरी एक बार फिर देश की सैन्य गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। भारतीय सेना ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर 7 और 8 मई को राजस्थान की राजधानी जयपुर में भव्य कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। यह आयोजन साउथ वेस्टर्न कमांड (सप्त शक्ति कमान) के आर्मी एरिया में होगा, जिसमें रक्षा मंत्री Rajnath Singh, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ Anil Chauhan और तीनों सेनाओं—थल सेना, वायु सेना और नौसेना—के प्रमुख शामिल होंगे।
कार्यक्रम के तहत गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे खातीपुरा स्थित सप्त शक्ति कमान के ऑडिटोरियम में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें रक्षा मंत्री और सेना के शीर्ष अधिकारी मीडिया को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष फिल्म रिलीज की जाएगी, जिसमें अभियान के दौरान के वास्तविक दृश्यों को शामिल किए जाने की संभावना है।
7 मई 2025 को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस संयुक्त सैन्य अभियान में थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। सीमावर्ती राज्य होने और रणनीतिक दृष्टि से अहम भूमिका निभाने के कारण राजस्थान इस अभियान का प्रमुख केंद्र रहा था। इसी वजह से इसकी पहली वर्षगांठ के आयोजन के लिए जयपुर को चुना गया है।
जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में बनेगी नई रणनीति
जयपुर में इसी दौरान जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। सम्मेलन में पिछले सैन्य अभियानों की समीक्षा के साथ भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा होगी। विशेष रूप से ‘जॉइंटमेनशिप’ यानी तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने पर मंथन किया जाएगा।
AI, ड्रोन और साइबर वॉरफेयर पर रहेगा फोकस
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस बार सम्मेलन की थीम ‘नए क्षेत्रों में सैन्य क्षमता’ रखी गई है। आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन और अनमैन्ड सिस्टम्स जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा साइबर, स्पेस और कॉग्निटिव वॉरफेयर जैसे नए खतरों से निपटने के लिए सेना की तैयारियों और क्षमताओं को मजबूत करने की रणनीति भी तैयार की जाएगी।
स्वदेशी रक्षा उत्पादों का होगा प्रदर्शन
सम्मेलन में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। सेना द्वारा विकसित भविष्य की तकनीकों और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही नई सैन्य रणनीतियों और युद्ध संबंधी सिद्धांतों (डॉक्ट्रिन) को भी जारी किया जा सकता है। यह आयोजन न केवल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का प्रतीक होगा, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है।
पहले भी हो चुका है आर्मी डे परेड का आयोजन
जयपुर इससे पहले भी आर्मी डे परेड की मेजबानी कर चुका है, जहां सेना की ताकत और आधुनिक तकनीक का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला था। ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ का यह आयोजन देश की सामरिक क्षमता और सैन्य शक्ति का एक और बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








