राजस्थान के Sikar को देशभर में NEET और JEE की तैयारी का बड़ा हब माना जाता है, लेकिन अब NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच ने इस शिक्षा नगरी की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। CBI इस समय उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनका संबंध पेपर लीक के मुख्य आरोपियों दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल से रहा है।
इसी क्रम में सीकर के एक चर्चित केमिस्ट्री टीचर और पूर्व कोचिंग संचालक की गतिविधियां जांच एजेंसी के रडार पर आ गई हैं। हालांकि अब तक एजेंसी की ओर से शिक्षक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन बिवाल परिवार और कोचिंग संस्थान के बीच हुए लेन-देन व गतिविधियों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
बिवाल परिवार के बच्चों की तस्वीरों से किए गए प्रचार
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जेल में बंद आरोपी दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल के परिवार के तीन बच्चे साल 2025 में NEET की तैयारी के लिए सीकर आए थे। बताया जा रहा है कि ये छात्र उसी चर्चित केमिस्ट्री टीचर द्वारा संचालित कोचिंग संस्थान में पढ़ते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इन छात्रों की तस्वीरों का इस्तेमाल संस्थान के बड़े-बड़े होर्डिंग्स, विज्ञापनों और प्रमोशनल पोस्टरों में प्रमुखता से किया गया था। जांच एजेंसियों को अब शक है कि इन छात्रों के कथित शानदार परिणाम और कोचिंग प्रचार के पीछे कहीं पेपर लीक नेटवर्क की कोई बड़ी साठगांठ तो नहीं थी।
रहस्यमयी तरीके से बंद हुआ कोचिंग सेंटर
सूत्रों के अनुसार यह केमिस्ट्री टीचर लंबे समय से सीकर के कोचिंग उद्योग से जुड़ा रहा है और पिपराली रोड स्थित कई संस्थानों में काम कर चुका है। बताया जा रहा है कि साल 2024 में उसने एक पार्टनर के साथ मिलकर नया कोचिंग सेंटर शुरू किया था, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद मार्च 2025 में शिक्षक ने पिपराली रोड पर ही नया संस्थान शुरू किया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह कोचिंग सेंटर कुछ महीनों बाद अचानक बंद हो गया। हालांकि अंदर से संस्थान बंद होने के बावजूद बाहर लगे पोस्टर, बैनर और साइनबोर्ड आज भी वैसे ही मौजूद हैं, जिससे छात्रों को यह आभास हो कि संस्थान अभी भी संचालित हो रहा है।
CBI की नजर में ‘The Master Stroke’ मॉड्यूल
जांच के दौरान अधिकारियों को केमिस्ट्री टीचर द्वारा तैयार किया गया एक विशेष स्टडी मॉड्यूल भी मिला है, जिसका नाम “The Master Stroke” बताया जा रहा है। इस मॉड्यूल को बाजार में इस दावे के साथ प्रचारित किया जाता था कि इसमें दिए गए प्रश्न सीधे NEET परीक्षा में पूछे जाएंगे। अब CBI इस स्टडी मटेरियल की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कर रही है कि कहीं इसके जरिए लीक हुए प्रश्नों को छात्रों तक तो नहीं पहुंचाया गया था।
राजनीतिक संपर्क और लाडनूं शिफ्ट होने पर सवाल
सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार बिवाल भाइयों की तरह ही इस केमिस्ट्री टीचर के भी राजनीतिक गलियारों में अच्छे संपर्क रहे हैं। उसे कई राजनीतिक कार्यक्रमों और रैलियों में नेताओं के साथ देखा जाता रहा है। सीकर में संस्थान बंद होने के बाद शिक्षक ने कुछ समय तक दूसरे कोचिंग संस्थान में काम किया और बाद में अचानक नागौर जिले के Ladnun स्थित एक कोचिंग सेंटर में शिफ्ट हो गया। जांच एजेंसी अब उसके इस अचानक हुए स्थानांतरण और समय को लेकर भी पूछताछ कर रही है। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह शिक्षक मूल रूप से दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र का रहने वाला है, हालांकि पुलिस अभी उसके पते और पृष्ठभूमि का सत्यापन कर रही है।
शिक्षा नगरी की साख पर संकट
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में लगातार सामने आ रहे खुलासों ने सीकर की कोचिंग इंडस्ट्री को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कुछ कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों ने कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क के साथ मिलकर छात्रों को फायदा पहुंचाया था।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







