Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका और इजराइल को लेकर बड़ा और आक्रामक बयान जारी किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान पर दोबारा सैन्य हमला किया गया, तो अगला युद्ध केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसका दायरा दुनिया के दूसरे हिस्सों तक भी फैल सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और क्षेत्र में हालिया सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।
‘हमले की उम्मीद नहीं होगी, वहां भी पहुंचेंगे’
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि अगर ईरान को निशाना बनाया गया तो उसके जवाब में ऐसे भीषण हमले किए जाएंगे, जिनकी विरोधी देशों ने कल्पना भी नहीं की होगी। संगठन ने दावा किया कि पिछले संघर्ष के दौरान ईरान ने अपनी पूरी सैन्य क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया था। बयान में कहा गया कि अमेरिका और इजराइल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन ईरान ने अपने सभी हथियार और क्षमताएं सक्रिय नहीं की थीं। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि अगली बार यदि हमला हुआ तो क्षेत्रीय स्तर के साथ-साथ क्षेत्र के बाहर मौजूद उसकी नई सैन्य क्षमताएं भी सक्रिय कर दी जाएंगी।
‘सोशल मीडिया नहीं, युद्ध के मैदान में जवाब देंगे’
ईरानी सैन्य संगठन ने कहा कि मौजूदा संघर्ष यह साबित करता है कि तेहरान की पहले दी गई चेतावनियां सही थीं। उन्होंने कहा कि ईरान केवल सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने में विश्वास नहीं रखता, बल्कि जरूरत पड़ने पर युद्ध के मैदान में अपनी ताकत दिखाने के लिए तैयार है।
ट्रंप बोले- ‘ईरान समझौते को लेकर उत्सुक’
दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस पूरे मामले पर अलग रुख अपनाया है। वॉशिंगटन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि ईरान इस समय समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है और यह विवाद जल्द समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने तेल बाजार का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और आने वाले समय में तेल की कीमतें तेजी से गिर सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध को जल्द समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है।
अमेरिकी सीनेट ने ट्रंप की युद्ध शक्तियों पर लगाई रोक
इस बीच अमेरिका की सीनेट में भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करने की कोशिश की है। डेमोक्रेटिक सीनेटर Tim Kaine द्वारा लाए गए प्रस्ताव के समर्थन में चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी मतदान किया। प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना राष्ट्रपति ईरान के खिलाफ युद्ध जैसी बड़ी सैन्य कार्रवाई न कर सकें।
खाड़ी देशों की मध्यस्थता से टला बड़ा हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर, सऊदी अरब और यूएई की मध्यस्थता के बाद अमेरिका ने फिलहाल तेहरान पर प्रस्तावित बड़े हमले को टाल दिया है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसकी सेना अभी भी किसी भी संभावित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। शांति समझौते को लेकर बातचीत भी जारी है, लेकिन दोनों पक्षों के आक्रामक बयानों ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। वैश्विक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








