भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान Virat Kohli ने आखिरकार पहली बार खुलकर बताया है कि उन्होंने साल 2022 में अचानक टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला क्यों लिया था। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टेस्ट सीरीज हारने के बाद उनके इस्तीफे ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया था, लेकिन अब कोहली ने उस फैसले के पीछे की मानसिक और शारीरिक थकान को लेकर बड़ा खुलासा किया है। साल 2022 की शुरुआत में टीम इंडिया को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके ठीक एक दिन बाद विराट कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी। इससे पहले वह टी20 और वनडे टीम की कप्तानी भी छोड़ चुके थे। कोहली भारतीय टेस्ट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 68 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 40 मुकाबलों में जीत हासिल की।
‘टीम की बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों का दबाव था’
आरसीबी इनोवेशन लैब में बातचीत के दौरान विराट कोहली ने कहा कि उस समय टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी और कप्तानी का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। कोहली ने कहा, “मैं ऐसी स्थिति में पहुंच गया था जहां मैं हमारी बल्लेबाजी यूनिट का मुख्य बल्लेबाज भी था और नेतृत्व की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर थी। शुरुआत में मुझे यह एहसास नहीं था कि यह सब मेरी रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना असर डाल रहा है, क्योंकि मेरा पूरा फोकस भारतीय क्रिकेट को शीर्ष पर बनाए रखने पर था।” उन्होंने कहा कि कप्तानी केवल मैदान पर फैसले लेने तक सीमित नहीं होती, बल्कि खिलाड़ियों को समझना, उन्हें संभालना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना भी बड़ी जिम्मेदारी होती है।
‘मेरे पास कुछ भी नहीं बचा था’
विराट कोहली ने स्वीकार किया कि कप्तानी छोड़ते समय वह मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह थक चुके थे। उन्होंने कहा, “जब मैंने कप्तानी छोड़ी, तब तक मैं पूरी तरह से थक चुका था। मेरे पास टीम को देने के लिए कुछ भी नहीं बचा था। मैं खुद को पूरी तरह इस जिम्मेदारी में झोंक चुका था।” कोहली ने भावुक अंदाज में कहा कि एक कप्तान हमेशा दूसरों के बारे में सोचता रहता है और इसी दौरान वह खुद को नजरअंदाज कर देता है। उन्होंने कहा कि लगभग नौ साल तक किसी ने उनसे यह तक नहीं पूछा कि वह ठीक हैं या नहीं।
विराट की कप्तानी में भारत बना टेस्ट क्रिकेट का बादशाह
MS Dhoni के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट कोहली पहली बार भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बने थे। इसके बाद उन्होंने टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं। उनकी कप्तानी में भारत लंबे समय तक टेस्ट क्रिकेट की नंबर-1 टीम बना रहा। कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम ने विदेशी दौरों पर भी शानदार प्रदर्शन किया और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत हासिल की। उनकी आक्रामक कप्तानी और फिटनेस कल्चर ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी।
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Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








