देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG से जुड़ा पेपर लीक मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र और अभिभावक मानसिक तनाव और असमंजस की स्थिति में हैं। इसी बीच Supreme Court of India में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछे कड़े सवाल
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में NEET-UG मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा ने केंद्र सरकार से पूछा कि आखिर पेपर लीक किस स्तर पर हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई। अदालत ने कहा कि छात्रों की मेहनत, समय और भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ बेहद गंभीर मामला है। कोर्ट ने Union Public Service Commission की परीक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
केंद्र सरकार ने बताया- PM मोदी कर रहे मॉनिटरिंग
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 21 जून को होने वाली NEET परीक्षा के लिए नई तकनीकी और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। सरकार के मुताबिक प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके।
केंद्र को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सरकार को जांच प्रक्रिया, जिम्मेदार लोगों और अब तक उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अगर उच्च स्तरीय समिति बनने के बाद भी पेपर लीक जैसी घटना सामने आई है, तो या तो सिफारिशों में कमी रही या उनका सही तरीके से पालन नहीं हुआ।
छात्रों में बढ़ी चिंता
इस विवाद के बाद छात्रों और अभिभावकों में परीक्षा प्रणाली को लेकर असुरक्षा की भावना बढ़ी है। National Testing Agency पहले से ही परीक्षा संचालन को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही है। अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में तय की है। माना जा रहा है कि सरकार की रिपोर्ट के बाद परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








