कोटा में धार्मिक मठ के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या, धारदार हथियार से हमला कर फरार हुए बदमाश

कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से एक सनसनीखेज और दर्दनाक घटना सामने आई है। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के चंद्रेसल गांव स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक मठ के महंत देवानंद महाराज की अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

देर रात मठ में घुसे हमलावर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महंत देवानंद महाराज रोज की तरह मठ परिसर में स्थित अपने कक्ष में विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात अज्ञात हमलावर मठ के अंदर घुस आए और उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान महंत ने सहायता के लिए आवाज लगाई, जिसे सुनकर मठ के सेवादार और आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े। लोगों के पहुंचने से पहले ही हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। जानकारी यह भी सामने आई है कि वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने मठ में रह रहे एक अन्य महंत के कक्ष को बाहर से बंद कर दिया था, ताकि कोई समय रहते मदद के लिए नहीं पहुंच सके।

लहूलुहान हालत में मिले महंत

घटना के बाद जब सेवादार और ग्रामीण महंत के कक्ष में पहुंचे तो वे गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़े मिले। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बोरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से महंत को तत्काल कोटा के महाराव भीमसिंह (एमबीएस) अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने उनका उपचार शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।

हत्या के पीछे की वजह अब भी रहस्य

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस हत्या के पीछे मकसद क्या था। स्थानीय लोगों के अनुसार महंत देवानंद महाराज का स्वभाव शांत और सरल था तथा उनका किसी से कोई खुला विवाद नहीं था। पुलिस विभिन्न संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार व्यक्तिगत रंजिश, मठ की जमीन या संपत्ति से जुड़ा विवाद, अथवा चोरी और लूटपाट की कोशिश जैसे सभी एंगल पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

एफएसएल और डॉग स्क्वायड ने जुटाए सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और डॉग स्क्वायड को भी घटनास्थल पर बुलाया। एफएसएल विशेषज्ञों ने मठ परिसर से रक्त के नमूने, उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस मठ के सेवादारों, स्थानीय ग्रामीणों और हाल के दिनों में मठ में आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम आसपास के क्षेत्रों में लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

ग्रामीणों और संगठनों में आक्रोश

धार्मिक स्थल के भीतर एक वरिष्ठ संत की हत्या से स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए चंद्रेसल गांव और एमबीएस अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

पुलिस बोली- जल्द होगा खुलासा

कोटा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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