खान सर की तलाश में पटना पुलिस की छापेमारी तेज, कोचिंग और घर पहुंची टीम; सरेंडर की अटकलें

पटना। चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक खान सर उर्फ फैसल खान के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के बाद पटना पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी है। शुक्रवार रात पुलिस की टीम उनके कोचिंग संस्थान और आवास पर पहुंची, लेकिन वहां उनकी मौजूदगी नहीं मिली। सूत्रों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद खान सर सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और उनकी लोकेशन को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी खान सर ने छात्रों की क्लास ली थी। हालांकि, पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद से वे नजर नहीं आए हैं। इस बीच यह भी चर्चा है कि वे किसी भी समय अदालत या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कोचिंग सेंटर के बाहर जुटे छात्र

जब पुलिस टीम खान सर के कोचिंग संस्थान जीएस ग्लोबल स्टडीज पहुंची तो बड़ी संख्या में छात्र वहां एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्रों ने पुलिस कार्रवाई के दौरान कोचिंग परिसर के बाहर डेरा डाल दिया। पुलिस ने छात्रों को वहां से हटाने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक वे वहीं मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम रात भर कोचिंग संस्थान के बाहर कैंप करती रही। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

गार्ड के कथित खुलासे के बाद बढ़ी मुश्किलें

मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस पूछताछ के दौरान खान सर के एक गार्ड द्वारा कथित तौर पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। सूत्रों के मुताबिक, गार्ड ने दावा किया कि गोली चलने की घटना की जानकारी फैसल खान को पहले से थी और कथित रूप से उनके निर्देश पर ही फायरिंग की गई थी। पुलिस इस कथित बयान की सत्यता और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। आरोप यह भी है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को तत्काल सूचना नहीं दी गई।

जांच एजेंसियों का मानना है कि गोलीबारी की घटना को अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया, जिससे इलाके में भ्रम और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हुई। इसी आधार पर कदमकुआं थाने में खान सर उर्फ फैसल खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

फायरिंग के दावे की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मंगलवार रात फायरिंग की सूचना क्यों दी गई थी और 8 से 10 राउंड गोली चलने के दावों के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या घटना को वास्तविकता से अधिक गंभीर रूप में पेश किया गया था। साथ ही यह सवाल भी जांच के केंद्र में है कि यदि संबंधित लोगों को अपने ही पक्ष के लोगों द्वारा की गई गोलीबारी की जानकारी थी, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को क्यों नहीं दी गई।

सभी पहलुओं की हो रही जांच

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों और संभावित मंशा की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस खान सर की तलाश में विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, जबकि इस पूरे मामले पर उनकी ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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