मुंबई। मुंबई के प्रतिष्ठित केईएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली एक एमबीबीएस छात्रा को सोशल मीडिया पर वायरल हुए विवादित वीडियो के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। मेडिकल छात्रा सेजल पवार को 15 दिनों की ‘जबरन छुट्टी’ पर भेज दिया गया है। साथ ही कॉलेज प्रशासन ने उनके कॉलेज, अस्पताल परिसर और हॉस्टल में प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगा दी है। यह कार्रवाई एक पुराने स्टैंड-अप कॉमेडी शो के वीडियो के दोबारा वायरल होने के बाद की गई है, जिसमें मेडिकल शिक्षा के दौरान शव विच्छेदन से जुड़े कथित अनुभवों पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
क्या है पूरा मामला?
विवाद तब शुरू हुआ जब मशहूर कॉमेडियन और पूर्व बिग बॉस प्रतिभागी Pranit More के एक पुराने स्टैंड-अप शो की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वीडियो में दर्शकों के बीच मौजूद सेजल पवार, जो खुद को मेडिकल छात्रा बताती हैं, मेडिकल कॉलेज की एनाटॉमी लैब से जुड़ा एक अनुभव साझा करती नजर आती हैं। वीडियो में उन्होंने दावा किया कि मेडिकल छात्र शव विच्छेदन के दौरान पुरुष शवों के निजी अंगों के आकार को लेकर आपस में मजाक और टिप्पणियां करते हैं। इस दौरान कॉमेडियन प्रणीत मोरे भी उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते और मजाक करते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई।
मेडिकल पेशे की गरिमा पर उठे सवाल
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि मेडिकल शिक्षा के दौरान छात्रों को मानव शवों के प्रति सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। कई डॉक्टरों और मेडिकल पेशेवरों ने इस तरह की टिप्पणियों को चिकित्सा नैतिकता और पेशेवर आचरण के खिलाफ बताया।
कॉलेज प्रशासन ने गठित की जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए केईएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सुरक्षा कारणों से परिवार के पास भेजी गई छात्रा
समाचार एजेंसी के अनुसार सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए छात्रा को सुरक्षित रूप से उनके परिवार के पास भेज दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने तक आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
घटना के सामने आने के बाद सोशल Media पर चिकित्सा नैतिकता, मेडिकल छात्रों के आचरण और स्टैंड-अप कॉमेडी की सीमाओं को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने इसे असंवेदनशील व्यवहार बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए। फिलहाल कॉलेज प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








