राजसमन्द पुलिस की बड़ी पहल: “नई जिन्दगी फाउंडेशन” में साइबर जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा कार्यशाला आयोजित

राजसमन्द। “वर्तमान समय की महत्ती आवश्यकता है–डिजिटल साक्षरता।” इसी मूलमंत्र के साथ राजसमन्द जिले को साइबर अपराधों से मुक्त और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने के लिए जिला पुलिस ने एक विशेष मुहिम शुरू की है।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री हेमन्त कलाल के निर्देशन तथा उप अधीक्षक पुलिस व थानाधिकारी साइबर पुलिस थाना राजसमन्द श्री दुर्गाप्रसाद दाधीच के नेतृत्व में दिनांक 16.06.2026 को ‘नई जिन्दगी फाउंडेशन, राजसमन्द’ में एक दिवसीय साइबर जागरूकता एवं डिजिटल सुरक्षा कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

साइबर एक्सपर्ट्स ने दिए सुरक्षित रहने के गुरुमंत्र

कार्यशाला में साइबर पुलिस थाना राजसमन्द के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के व्यावहारिक तरीके सिखाए:

सोशल मीडिया सुरक्षा: सहायक उपनिरीक्षक श्री नारायण शर्मा ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू करने, मजबूत पासवर्ड बनाने और किसी भी अनजान एपीके (APK) फाइल पर क्लिक न करने की सख्त सलाह दी।

राजकॉप सिटीजन एप: कॉन्स्टेबल प्रशाली गोदारा ने सरकार द्वारा जारी ‘राजकॉप सिटीजन एप’ के बारे में विस्तार से बताया और सभी से इसे इंस्टॉल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड होने पर घबराएं नहीं, बल्कि समय पर शिकायत दर्ज कराएं।

अकाउंट हैक होने पर क्या करें?: प्रोग्रामर श्री खैरूल वसीम ने सोशल मीडिया अकाउंट हैक या फर्जी प्रोफाइल बनने की स्थिति में ‘नागरिक शिकायत पोर्टल’ पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने मोबाइल ऐप्स को दी जाने वाली परमिशन को समय-समय पर जांचने और अनावश्यक परमिशन हटाने की बात कही।

डिजिटल प्रहरी ई-पत्रिका और प्रतियोगिताएं

कार्यशाला के दौरान राजसमन्द पुलिस एवं करियर संस्थान द्वारा जारी ‘डिजिटल प्रहरी ई-पत्रिका’ के बारे में जानकारी दी गई और लोगों को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही साइबर शील्ड, सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी, और पोस्टर व स्लोगन प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई।

याद रखें ‘गोल्डन आवर’ (Golden Hour)

पुलिस विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) होती है, तो शुरुआत का समय यानी ‘गोल्डन आवर’ बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान शिकायत दर्ज कराने से फ्रॉड की गई राशि के फ्रीज (Freeze) होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

यहाँ करें तुरंत शिकायत:

साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत इन माध्यमों से संपर्क करें:

नेशनल साइबर अपराध पोर्टल: www.cybercrime.gov.in

साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930

निकटतम पुलिस थाना

यह पहल राजसमन्द को डिजिटल रूप से साक्षर और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। #CyberSafeRajsamand

PRADEEP SOLANKI
Author: PRADEEP SOLANKI

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