संजू सैमसन को बाहर किए जाने पर अश्विन का तंज, बोले- ‘मुझे रेस्ट नहीं चाहिए, जिम्बाब्वे ले चलो’

नई दिल्ली। जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम से संजू सैमसन को बाहर किए जाने के फैसले पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। क्रिकेट प्रशंसकों और कई पूर्व खिलाड़ियों के बाद अब भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी अप्रत्यक्ष रूप से संजू के समर्थन में उतर आए हैं। अश्विन ने एक बातचीत के दौरान चयन प्रक्रिया पर व्यंग्य करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को “आराम” देने की बजाय लगातार मौके मिलने चाहिए।

संजू के समर्थन में बोले अश्विन

खेल पत्रकार विमल कुमार के साथ बातचीत में अश्विन ने संजू सैमसन की स्थिति को अपने करियर से जोड़ते हुए प्रतिक्रिया दी। बातचीत के दौरान जब यह कहा गया कि व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर को देखते हुए खिलाड़ियों को आराम दिया जाता है, तो अश्विन ने बीच में ही अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 2014 में इंग्लैंड दौरे के बाद उन्हें भी टीम से बाहर होना पड़ा था और भारतीय टीम में वापसी करने में करीब आठ साल लग गए। अश्विन ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उन्हें “रेस्ट” नहीं चाहिए था, बल्कि टीम के साथ खेलने का मौका चाहिए था।

‘मम्मी-पापा और पत्नी को लेकर भी जिम्बाब्वे आ जाऊंगा’

अश्विन ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “सर, मुझे रेस्ट मत दीजिए। जरूरत पड़े तो मैं मम्मी, पापा और पत्नी को साथ लेकर भी जिम्बाब्वे आ जाऊंगा, लेकिन टीम के साथ रहना चाहता हूं।” उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि 1999 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने भारत को हराया था और वह उस हार का बदला लेना चाहते हैं। अश्विन की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बाहर हुए संजू

संजू सैमसन ने आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। पहले मैच में उन्होंने 5 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वह केवल 1 रन ही बना सके। लगातार तीन पारियों में असफल रहने के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ शेष मैचों से आराम दिया गया और जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित भारतीय टीम में भी जगह नहीं मिली।

चयनकर्ताओं के फैसले पर उठ रहे सवाल

संजू सैमसन को टीम से बाहर किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन केवल दो-तीन मैचों के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ियों को लगातार अवसर नहीं मिलेंगे तो वे खुद को साबित कैसे करेंगे। रविचंद्रन अश्विन का बयान भी इसी बहस को नई दिशा देता नजर आ रहा है। हालांकि भारतीय चयन समिति की ओर से अब तक संजू सैमसन को बाहर किए जाने के फैसले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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