Petrol Price News: पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर करने की मांग, अरविंद केजरीवाल बोले- कच्चे तेल की कीमत घटी, जनता को मिले फायदा

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद देश में ईंधन की कीमतें अपेक्षा से अधिक बनी हुई हैं। केजरीवाल ने मांग की कि सरकार तुरंत पेट्रोल की कीमत घटाकर 82 रुपये प्रति लीटर करे, ताकि महंगाई से जूझ रही जनता को राहत मिल सके।

कच्चे तेल की कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार गिरावट दर्ज की गई है। उनका सवाल था कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल सस्ता हुआ है, तो भारत में उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ क्यों नहीं मिल रहा। उन्होंने दावा किया कि तेल विपणन कंपनियों ने पिछले वर्ष भारी मुनाफा कमाया, जबकि आम लोग अब भी लगभग 102 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल खरीदने को मजबूर हैं।

82 रुपये प्रति लीटर होना चाहिए शुद्ध पेट्रोल

केजरीवाल ने अपनी गणना साझा करते हुए कहा कि मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमत लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल है। इसे भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करने पर कच्चे तेल की लागत करीब 42 रुपये प्रति लीटर बैठती है। उन्होंने कहा कि इसमें रिफाइनिंग, परिवहन, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मार्जिन, केंद्रीय कर, राज्य सरकारों का वैट और डीलर कमीशन जोड़ने के बाद भी शुद्ध पेट्रोल की कीमत करीब 82 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए।

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E20 पेट्रोल की कीमत और कम होनी चाहिए

AAP प्रमुख ने कहा कि यदि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) है, तो उसकी कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए। उनके अनुसार E20 पेट्रोल की उचित कीमत लगभग 70 रुपये प्रति लीटर होनी चाहिए, जबकि वर्तमान में यह भी लगभग 102 रुपये प्रति लीटर के आसपास बेचा जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि उपभोक्ताओं को अलग-अलग फ्यूल विकल्प उपलब्ध कराए जाएं और उनकी कीमतें भी वास्तविक लागत के अनुरूप तय की जाएं। केजरीवाल ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है।

यदि ईंधन सस्ता होगा तो माल ढुलाई की लागत घटेगी, जिससे खाद्य पदार्थों समेत रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों में भी कमी आ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना चाहिए, ताकि बढ़ती महंगाई से लोगों को वास्तविक राहत मिल सके। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से केजरीवाल के इन दावों और प्रस्तावित मूल्य निर्धारण पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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