राजस्थान में टैक्स चोरी पर सख्त होंगे भजनलाल शर्मा, अधिकारियों को दिए 10 बड़े निर्देश; पहली तिमाही में 33,969 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व

जयपुर। राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व संग्रह बढ़ाने और टैक्स चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को 10 अहम निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मजबूत राजस्व व्यवस्था जरूरी है और टैक्स चोरी को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अप्रैल से जून 2026 के बीच राज्य को 33,969 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.54 प्रतिशत अधिक है।

टैक्स चोरों पर डिकॉय ऑपरेशन और सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने वाणिज्यिक कर विभाग को बड़े टैक्स चोरों और बार-बार नियम तोड़ने वाले कारोबारियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के साथ डिकॉय ऑपरेशन (औचक जांच) का उपयोग करने और अन्य राज्यों की सफल कर प्रणाली का अध्ययन कर राजस्थान में लागू करने पर जोर दिया।

GST रिटर्न और फेसलेस स्क्रूटनी पर फोकस

बैठक में बताया गया कि राजस्थान फेसलेस स्क्रूटनी पूरी तरह लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। वहीं GST रिटर्न फाइलिंग अनुपालन के मामले में भी राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने समय पर रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

अवैध खनन पर GPS और CCTV से निगरानी

खान एवं पेट्रोलियम विभाग को अवैध खनन रोकने के लिए ई-रवन्ना प्रणाली को GPS और CCTV नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश दिए गए। इससे खनिज परिवहन पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन पर रोक लगेगी।

अवैध शराब तस्करी पर भी सख्ती

मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को सीमा क्षेत्रों और आंतरिक इलाकों में अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान तेज करने को कहा। साथ ही जब्त वाहनों के मामलों का शीघ्र निस्तारण कर उनकी नीलामी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।

संपत्ति रजिस्ट्री में होगी जियो-टैगिंग

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को ई-पंजीयन प्रक्रिया के दौरान संपत्तियों की जियो-टैगिंग अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी रजिस्ट्री और एक ही जमीन की कई बार बिक्री जैसे मामलों पर रोक लगेगी।

अवैध वाहन बॉडी निर्माताओं पर कार्रवाई

परिवहन विभाग को बिना पंजीकरण संचालित वाहन बॉडी निर्माण इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाने और क्षमता से अधिक माल ढोने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

श्रमिक सेस की होगी मासिक समीक्षा

निर्माण श्रमिक कल्याण योजनाओं के लिए श्रमिक सेस की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक माह इसकी उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए ताकि योजनाओं के लिए धन की कमी न हो।

लैंड यूज चेंज प्रक्रिया होगी आसान

राजस्व विभाग को भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज चेंज) की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए। इससे किसानों, आम नागरिकों और निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं वाली नई कॉलोनियां विकसित होंगी

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग को नई आवासीय योजनाओं में चौड़ी सड़कें, पेयजल, सीवरेज, बिजली, पार्क और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाओं को पहले से शामिल करने के निर्देश दिए गए।

कोर्ट में लंबित राजस्व मामलों का होगा तेजी से निस्तारण

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अदालतों में लंबित राजस्व संबंधी मामलों की प्रभावी पैरवी करने और करोड़ों रुपये के अटके राजस्व को जल्द सरकारी खजाने में लाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित वित्त, राजस्व, परिवहन, खान एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संग्रह बढ़ाने के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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