मुंबई: ऐप-आधारित कैब सेवाओं (Ola, Uber, Rapido आदि) का इस्तेमाल करने वाले लाखों यात्रियों को महाराष्ट्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम 2026 लागू कर दिए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पतालों जैसी आपातकालीन व जरूरी जगहों के लिए बुक की गई राइड्स को बिना वजह कैंसल करना ड्राइवरों को भारी पड़ेगा। ऐसे मामलों में सामान्य जुर्माने की तुलना में 5 गुना अधिक पेनल्टी लगाई जाएगी। सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस सख्त कदम से आखिरी समय पर राइड कैंसल होने से यात्रियों को होने वाली मानसिक और शारीरिक परेशानी पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
कैंसिलेशन पेनल्टी का नया गणित: यात्री और ड्राइवर दोनों पर नियम लागू
नई एग्रीगेटर पॉलिसी के तहत जुर्माना और मुआवजे की व्यवस्था को इस प्रकार तय किया गया है: ड्राइवर द्वारा कैंसिलेशन पर: यदि ड्राइवर एयरपोर्ट, अस्पताल या रेलवे स्टेशन की राइड बिना किसी ठोस वजह के कैंसल करता है, तो उस पर विशेष 5 गुना पेनल्टी लगेगी। सबसे खास बात यह है कि वसूली गई जुर्माने की राशि सीधे प्रभावित यात्री के ऐप अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। यात्री द्वारा कैंसिलेशन पर: यदि कोई यात्री बिना उचित कारण के राइड कैंसल करता है, तो उसे कुल किराए का 5% या अधिकतम ₹100 जुर्माना देना होगा। यह राशि क्षतिपूर्ति के रूप में संबंधित ड्राइवर को दी जाएगी। 10 मिनट की लेट-लतीफी पर कार्रवाई: ड्राइवरों के लिए समय पर पिकअप लोकेशन पहुंचना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि ड्राइवर तय समय से 10 मिनट से अधिक देरी करता है, तो उसे राइड कैंसिलेशन माना जाएगा और ड्राइवर पर ₹100 का जुर्माना लगेगा (जरूरी जगहों की राइड्स में यह जुर्माना 5 गुना तक बढ़ सकता है)।
कंपनियों पर भी सख्त चाबुक: 1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान
सरकार ने केवल ड्राइवरों पर ही नहीं, बल्कि कैब एग्रीगेटर कंपनियों (Ola, Uber, Rapido) की जवाबदेही भी तय की है: नियमों का लगातार उल्लंघन करने, किराए से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन न करने या यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर कंपनियों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। कंपनियों पर ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
‘लास्ट मिनट कैंसिलेशन से मिलेगी राहत’: परिवहन मंत्री
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में अक्सर ड्राइवर कम दूरी, ट्रैफ़िक या अपनी सुविधा के हिसाब से लोकेशन देखकर मनमाने तरीके से राइड कैंसल कर देते हैं, जिससे यात्रियों की ट्रेन या फ्लाइट छूट जाती है या आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने में देरी होती है। सरकार को उम्मीद है कि नए मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियमों के लागू होने से राज्य में ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाएं अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और भरोसेमंद बनेंगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







