CJP Protest: धर्मेन्द्र प्रधान नहीं देंगे इस्तीफा: सूत्र

नीट-यूजी 2026 (NEET UG) पेपर लीक विवाद और लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर बड़ा अपडेट सामने आया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में सड़कों पर उतरे छात्रों के भारी दबाव के बावजूद मोदी सरकार फिलहाल शिक्षा मंत्री से इस्तीफा नहीं लेगी।

‘इस्तीफा सबसे आसान फैसला, पर समाधान नहीं’: सरकारी सूत्र

मीडिया रिपोर्ट्स और उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस मोड़ पर किसी मंत्री का इस्तीफा लेना सबसे आसान कदम हो सकता है, लेकिन इससे मूल समस्या का समाधान नहीं होगा। सूत्रों ने बताया कि सरकार का ध्यान इस वक्त नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कमियों और खामियों को दूर करने पर केंद्रित है। सरकार का तर्क है कि पेपर लीक में शामिल कई आपराधिक गिरोहों पर कार्रवाई हो चुकी है और पूरी परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

दूसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा, शनिवार दोपहर तक का मांगा समय

शुक्रवार को केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच दूसरे दौर की अहम बैठक आयोजित हुई:

  • सरकार का पक्ष: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पीएमओ (PMO) राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह बैठक में शामिल हुए।

  • CJP का पक्ष: संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने छात्रों की मांगें रखीं।

बैठक के बाद आशुतोष रांका ने मीडिया को बताया कि सरकार ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अंतिम फैसला लेने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने और नीट घोटाले से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांगों पर सरकार सहमत हो गई है। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मुख्य मांग से एक इंच भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके सहयोगियों ने दोहराया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर और देशभर में यह छात्र आंदोलन जारी रहेगा।

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

एक तरफ जहां सरकार मंत्री का इस्तीफा टाल रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाए गए हैं:

  • उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तत्काल प्रभाव से तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया गया है।

  • स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों में नए प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं।

 परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए लगातार नीतिगत बदलाव कर रही है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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