जयपुर (राजस्थान): राजधानी जयपुर के बहुचर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में प्रताप नगर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता और लंबे समय से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी रवि प्रकाश उर्फ बलराम को गिरफ्तार कर लिया है। इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस मृतका की वकील बेटी आयुषी और जेठ मोहन स्वरूप समेत 7 आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है। डीसीपी (ईस्ट) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए प्रताप नगर थाना पुलिस शिकंजे में आए मुख्य आरोपी बलराम से गहन पूछताछ कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि फरार चल रहा रवि प्रकाश उर्फ बलराम हत्याकांड में पहले से जेल में बंद अपने साथियों को जमानत पर बाहर निकलवाने की फिराक में था। वह वकीलों से कानूनी सलाह लेने और जमानत की प्रक्रिया शुरू करवाने के लिए शुक्रवार तड़के जोधपुर के बिलाड़ा से ट्रेन में बैठकर जयपुर पहुंचा था। प्रताप नगर थाने के हेड कॉन्स्टेबल दयाराम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि इनामी आरोपी बलराम दोपहर में सांगानेर इलाके में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट हुई और सांगानेर के सीताबाड़ी क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर आरोपी को धर दबोचा। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी।
संपत्ति हड़पने के लिए 3 महीने से रची जा रही थी हत्या की साजिश
पुलिस पूछताछ और प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बलराम अपनी चाची नीरज शर्मा की संपत्ति हड़पने की नीयत से पिछले 3 महीने से उनकी हत्या की साजिश रच रहा था: 7 लाख की सुपारी: साजिश के तहत भरतपुर के शातिर बदमाश हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पहला प्रयास असफल: हेमंत ने अन्य बदमाशों के साथ मिलकर पहले नीरज शर्मा को कार से कुचलकर एक्सीडेंट का रूप देकर मारने का प्रयास किया था, लेकिन इलाके में भीड़भाड़ होने के कारण वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके थे।
बेटी आयुषी समेत 7 आरोपी पहले से सलाखों के पीछे
इस खौफनाक हत्याकांड में मृतका की अपनी ही वकील बेटी आयुषी की संलिप्तता ने पुलिस प्रशासन और आम जनता को हैरान कर दिया था। पुलिस इस मामले में पहले ही निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है:
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आयुषी (मृतका की बेटी)
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मोहन स्वरूप (मृतका का जेठ)
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हेमंत शर्मा (सुपारी लेने वाला मुख्य शूटर/बदमाश)
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आकाश शर्मा
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अरविंद शर्मा
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मोहित शर्मा
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रोहित जाटव
मास्टरमाइंड बलराम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में हत्या के इस सनसनीखेज षड्यंत्र से जुड़ी कई और अहम कड़ियां और राज उजागर होंगे।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







