चित्तौड़गढ़ (राजस्थान): चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर उस वक्त गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए, जब सोशल मीडिया पर जेल के बैरक के भीतर से रिकॉर्ड किए गए कई वीडियो तेजी से वायरल हो गए। वायरल वीडियो में बहुचर्चित अजयराज सिंह हत्याकांड के आरोपी जेल की सलाखों के पीछे बेफिक्र होकर नशा करते, डांस करते और दाल-बाटी-चूरमा की दावत उड़ाते नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आते ही जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सेल्फी मोड में बनाया गया वीडियो, देर रात तलाशी में मिले 2 मोबाइल
जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जेल के भीतर के तीन वीडियो वायरल हुए वायरल हुए इन तीनों वीडियोज के एक वीडियो में बंदी बैरक में एक साथ बैठकर बाटी-चूरमा की दावत का लुफ्त उठा रहे हैं वहीं दूसरे वीडियो में आरोपी खुलेआम नशा करते दिखाई दे रहे हैं।
और तीसरे वीडियो में कुछ बंदी बैरक के अंदर मस्ती में डांस कर रहे हैं। यह पूरा वीडियो मोबाइल फोन से ‘सेल्फी मोड’ में रिकॉर्ड किया गया था, जिससे यह साबित हो गया कि जेल परिसर में प्रतिबंधित मोबाइल फोन का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जेल अधीक्षक नरेंद्र स्वामी के नेतृत्व में देर रात पूरे कारागार में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पूछताछ के आधार पर ए-वार्ड के सेल नंबर-3 में बंद आरोपी मोहित सिंह की निशानदेही पर एसटीडी कक्ष के स्टोर रूम से पन्नी में छिपाया गया एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया गया। इसके अलावा, महिला वार्ड के पास एक पेड़ की जड़ों से दूसरा लावारिस मोबाइल, बैटरी और केबल जब्त की गई।
8 विचाराधीन बंदियों पर FIR दर्ज
जेल प्रहरी वेदराम की तहरीर पर कोतवाली थाना पुलिस ने ‘राजस्थान कारागार अधिनियम’ के तहत केस दर्ज कर लिया है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं:
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मोहित सिंह (रोहतक, हरियाणा)
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हर्षवर्धन सिंह (राशमी)
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भैरूलाल गुर्जर व ईश्वर सिंह उर्फ हरिओम सिंह (गंगरार)
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सत्यनारायण गुर्जर, प्रहलाद राय गुर्जर, शोभालाल
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विनोद गुर्जर (हमीरगढ़, भीलवाड़ा)
मामले की आगे की जांच उपनिरीक्षक (SI) पारस कुमार को सौंपी गई है।
अजयराज सिंह हत्याकांड से जुड़े हैं आरोपी
गौरतलब है कि ये सभी आरोपी पिछले वर्ष 1 जून को हुए चर्चित अजयराज सिंह हत्याकांड मामले में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं। बजरी विवाद को लेकर हुई गैंगवार में सेवानिवृत्त एएसआई के पुत्र अजयराज सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
कड़ी सुरक्षा जांच और चारदीवारी के बावजूद जेल के अंदर स्मार्टफोन, इंटरनेट, नशा और दावत का सामान कैसे पहुंचा? क्या इसमें अंदरूनी स्टाफ की संलिप्तता थी? इन सवालों ने जेल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस अब इस पूरे गठजोड़ की जांच कर रही है, वहीं जेल विभाग ने भी मामले की अंदरूनी विभागीय जांच शुरू कर दी है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







