वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पास होने के बाद अब राज्यसभा में इस पर जबरदस्त बहस चल रही है। इस बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “यह कानून अनावश्यक है और इसका मकसद केवल अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना है।”
सरकार पर साधा निशाना
गहलोत ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि केंद्र सरकार बार-बार ऐसे कानून ला रही है जो जनता को महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे असली मुद्दों से भटकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि CAA की तरह ही वक्फ संशोधन बिल भी राजनीतिक लाभ के लिए लाया गया है।
“देश में तनाव पैदा करने की कोशिश”
गहलोत ने आगे कहा, “CAA को 2020 में लागू किया गया, लेकिन इसके नियम 2024 में बनाए गए। इसका मकसद सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए माहौल गरमाना था। वक्फ कानून में संशोधन भी इसी रणनीति का हिस्सा है।”
भाजपा का पलटवारa
इस बीच, भाजपा नेताओं ने गहलोत के बयान को ‘भ्रम फैलाने वाला’ बताया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “यह बिल पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लाया गया है, न कि किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए।”
राज्यसभा में आज बड़ा फैसला संभव
राज्यसभा में आज इस बिल पर अहम बहस हो रही है। देखना होगा कि विपक्ष के विरोध के बावजूद यह बिल पास होता है या नहीं।
