चीन ने LAC पर घटाई सैन्य तैनाती, भारत की तैयारी बरकरार; सीमा पर तनाव के बीच बढ़ा कूटनीतिक संवाद

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से जारी तनाव के बीच साल 2025 में कुछ अहम बदलाव देखने को मिले। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने LAC के आसपास अपनी सैन्य तैनाती में कमी की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत दोबारा सक्रिय हुई है।

PLA की तैनाती में कमी

रक्षा मंत्रालय की वर्षांत समीक्षा के मुताबिक, उत्तरी सीमाओं के सामने और पारंपरिक प्रशिक्षण क्षेत्रों में चीन की सैन्य मौजूदगी में कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अब करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड के आकार की चीनी सैन्य टुकड़ियां सामरिक और परिचालन गहराई वाले इलाकों में मौजूद हैं।

यह बदलाव 2024 में देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में हुए डिसइंगेजमेंट समझौते के बाद देखने को मिला। हालांकि, सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि उत्तरी सीमा की स्थिति अभी स्थिर जरूर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। इसलिए चीन की सैन्य तैनाती में कमी को सीमा पर तनाव पूरी तरह समाप्त होने का संकेत नहीं माना जा सकता।

भारत ने भी कम नहीं की सैन्य तैयारी

चीन की ओर से सैनिकों की संख्या घटाए जाने के बावजूद भारत ने LAC पर अपनी सुरक्षा तैयारियों में किसी तरह की ढील नहीं दी है। सीमा के अलग-अलग सेक्टरों में भारतीय सेना की तैनाती मजबूत बनी हुई है।

इसके साथ ही सेना की क्षमताओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया है। सीमा क्षेत्रों में नई पीढ़ी के हथियारों और सैन्य क्षमताओं को शामिल किया जा रहा है। रुद्र ब्रिगेड, दिव्यास्त्र बैटरियों और भैरव बटालियन जैसी क्षमताओं की तैनाती के साथ-साथ सीमा पर सड़क, कनेक्टिविटी और सैनिकों के लिए जरूरी सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है।

बातचीत के रास्ते भी हुए सक्रिय

भारत-चीन संबंधों में सैन्य गतिविधियों के साथ-साथ कूटनीतिक स्तर पर भी संपर्क बढ़ा है। 2025 में वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (WMCC) की बैठकें हुईं और सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधियों के स्तर पर बातचीत भी आगे बढ़ी। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सैन्य संपर्क भी जारी रहा। कोर कमांडर स्तर की बैठकों और बॉर्डर पर्सनल मीटिंग के जरिए सीमा से जुड़े स्थानीय मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की गई।

तनाव कम हुआ, लेकिन भारत सतर्क

चीन की सैन्य तैनाती में कमी और दोनों देशों के बीच बढ़े संवाद को भारत-चीन संबंधों में नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए भारत अपनी सैन्य तैयारियों को कमजोर करने के पक्ष में नहीं है।

यानी LAC पर फिलहाल तस्वीर यह है कि तनाव कम करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है, चीन की तैनाती में कमी आई है, लेकिन भारत ने सुरक्षा के मोर्चे पर अपनी तैयारी पूरी तरह बरकरार रखी है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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