छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर बरसे CJP चीफ अभिजीत दीपके; संसद में विपक्ष ने पूछा- ‘क्या छात्र आतंकवादी थे?

नई दिल्ली: नीट (NEET) विवाद और पेपर लीक मामले के बीच छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए चेतावनी दी है कि यदि छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई और उन्हें परेशान करना तुरंत बंद नहीं किया गया, तो CJP देशभर में बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दीपके ने कहा: “लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उनके खिलाफ किसी भी तरह की विच-हंटिंग (Witch-hunting) स्वीकार नहीं की जा सकती। सरकार युवाओं को टारगेट करना बंद करे।”

संसद में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन बिल 2026’ पर चर्चा के दौरान सरकार को घेरा

दूसरी ओर, लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार को जोरदार तरीके से घेरा। विपक्ष ने हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान पुलिस लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल पर कड़े सवाल खड़े किए।

प्रियंका गांधी ने पूछा- ‘शर्मनाक परिस्थितियों में हुआ शिक्षा मंत्री का इस्तीफा’

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, तो उन पर बल प्रयोग क्यों किया गया?

उन्होंने कहा, “शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया है। मैं घायल छात्रों से मिलने RML अस्पताल गई थी, जहाँ पीड़ित छात्रों और उनके परिजनों का दर्द देखकर मन व्यथित हो गया। क्या अपनी आवाज उठाने वाले छात्र आतंकवादी थे जो उन पर इस तरह का जुल्म ढहाया गया?”

विपक्षी नेताओं की प्रमुख मांगें और तर्क

  • चंद्रशेखर (सांसद, नगीना): उन्होंने 20 जुलाई को छात्रों के साथ हुई हिंसा का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।

  • तनुज पुनिया (कांग्रेस सांसद): उन्होंने छात्रों पर हुई क्रूरता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

  • रणदीप सिंह सुरजेवाला (कांग्रेस सांसद): उन्होंने कहा कि सिर्फ नया कानून बनाने से पेपर लीक नहीं रुकेगा। माफियाओं पर लगाम कसने के लिए पूरी व्यवस्था में सुधार (Systemic Reform) आवश्यक है।

  • अभिषेक बनर्जी (TMC सांसद): उन्होंने विधेयक का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि कानून का समर्थन करना सरकार की जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता। परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।

  • दयानिधि मारन (DMK सांसद): बिल का विरोध करते हुए मारन ने एक बार फिर NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि नीट से ग्रामीण, सरकारी स्कूल और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को भारी नुकसान हो रहा है और कोचिंग माफिया को बढ़ावा मिल रहा है।

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manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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