सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही ‘Cockroach Janata Party’ अब केवल मीम्स और राजनीतिक व्यंग्य तक सीमित नहीं रही है। इस ऑनलाइन अभियान को लेकर अब कानूनी विवाद भी शुरू हो गया है। कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिजाइन्स एंड ट्रेडमार्क्स की वेबसाइट के अनुसार, दो अलग-अलग लोगों ने ‘Cockroach Janata Party’ नाम को रजिस्टर कराने के लिए आवेदन किया है। इंटरनेट पर लगातार चर्चा और वायरल मीम्स के बीच अब इस डिजिटल कैंपेन को लेकर ट्रेडमार्क की लड़ाई छिड़ गई है। हालांकि अभी तक किसी भी आवेदन को मंजूरी नहीं मिली है। संबंधित विभाग द्वारा दोनों एप्लीकेशनों की विस्तृत जांच की जाएगी, जिसके बाद ही यह तय होगा कि इस नाम पर कानूनी अधिकार किसे मिलेगा।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ था अभियान
‘Cockroach Janata Party’ पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। यह कोई आधिकारिक राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान माना जा रहा है, जिसमें बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और सिस्टम से नाराजगी को मीम्स और रील्स के जरिए दिखाया जा रहा है। युवाओं के बीच यह कैंपेन तेजी से लोकप्रिय हुआ और देखते ही देखते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों तक पहुंच गया। कई यूजर्स इसे मौजूदा व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य बता रहे हैं।
बंद हुआ ‘X’ अकाउंट, फिर बना नया पेज
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब ‘Cockroach Janata Party’ का अकाउंट X (पूर्व में ट्विटर) पर बंद कर दिया गया। अकाउंट बंद होने की खबर ने भी सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं। हालांकि इसके तुरंत बाद ‘Cockroach is Back’ नाम से नया अकाउंट बना दिया गया। इस नए अकाउंट के बायो में लिखा गया संदेश — “Cockroaches Don’t Die” — इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस लाइन को अभियान की वापसी और उसके जारी रहने का संकेत मान रहे हैं। नए अकाउंट के बनने के बाद यह साफ संदेश गया कि यह ऑनलाइन मूवमेंट फिलहाल थमने वाला नहीं है।
मीम्स से शुरू होकर कानूनी दायरे तक पहुंचा मामला
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर शुरू हुए कई सटायर और मीम कैंपेन अब बड़े डिजिटल ब्रांड का रूप ले रहे हैं। ‘Cockroach Janata Party’ का ट्रेडमार्क विवाद भी इसी दिशा में एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि ट्रेडमार्क विभाग इस नाम को लेकर क्या फैसला लेता है और आखिरकार ‘Cockroach Janata Party’ नाम का अधिकार किसे मिलता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








