दौसा में युवक की मौत के बाद 21 घंटे चला धरना खत्म, प्रशासन ने मुआवजा और नौकरी देने पर जताई सहमति

राजस्थान के दौसा जिले के बसवा कस्बे में बाइक चोरी के शक में युवक की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हो गया। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी वार्ता के बाद मृतक के परिजनों की कई मांगों पर सहमति बनी। इसके तहत परिवार को 8.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संविदा पर नौकरी और मामले की जांच मानपुर सीईओ से कराने का आश्वासन दिया गया। करीब 21 घंटे तक चले धरने के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दी और शव उन्हें सौंप दिया गया।

पेड़ से बांधकर मारपीट का आरोप

मामला गुरुवार का है, जब बसवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा रोड स्थित गुल्लाना चौराहे पर कुछ लोगों ने दिनेश कुमार मीणा (32) को बाइक चोरी के शक में पकड़ लिया। आरोप है कि युवक को रस्सियों से पेड़ से बांध दिया गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को छुड़ाकर अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल परिसर में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। गुरुवार शाम से शुरू हुआ यह प्रदर्शन शुक्रवार दोपहर तक जारी रहा। देर रात पूर्व विधायक गजराज खटाना भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हो गए और अस्पताल परिसर में ही विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

दो चरणों की वार्ता के बाद बनी सहमति

रात करीब 10 बजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकरलाल मीणा और तहसीलदार राजेश सैनी समेत कई अधिकारियों ने धरनार्थियों से बातचीत की, लेकिन समाधान नहीं निकल सका। शुक्रवार सुबह फिर से प्रशासन और परिजनों के बीच वार्ता हुई। इस दौरान मृतक के ससुराल पक्ष के पहुंचने से माहौल फिर गरमा गया और बातचीत का दूसरा दौर चला। धरने पर बैठे लोगों ने 50 लाख रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग रखी। अंततः प्रशासन ने 8.5 लाख रुपये की सहायता राशि, संविदा पर नौकरी, मानपुर सीईओ से जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।

10 लोग हिरासत में, जांच जारी

बसवा पुलिस ने मामले में अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मृतक की मां इंद्रा देवी ने अशोक सैनी, महेंद्र सैनी, विजेंद्र, रायसिंह, बद्री सैनी, मुरारी बैरवा, हरिओम सैनी, रिंकू सैनी और रामहेत सैनी सहित 15-20 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि दिनेश को पेड़ से बांधकर पीटा गया और वह बार-बार पानी मांगता रहा, लेकिन किसी ने उसे पानी तक नहीं दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक दिनेश मीणा तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी और उसकी डेढ़ साल की एक बेटी भी है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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