राजस्थान में 1 जून से प्रस्तावित पेट्रोल पंपों की अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (RPDA) ने सरकार के सकारात्मक रुख और मांगों पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद आंदोलन को अगले 15 दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है। एसोसिएशन ने कहा कि आम जनता और किसानों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हस्तक्षेप के बाद बनी सहमति
पेट्रोल-डीजल पर अधिक वैट को लेकर डीलर्स लंबे समय से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। एसोसिएशन ने 1 जून से राज्यभर के पेट्रोल पंप बंद करने का ऐलान किया था। इससे परिवहन, व्यापार और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। स्थिति को गंभीर होते देख मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले में सीधा हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने डीलर्स एसोसिएशन से बातचीत की और उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध कम हुआ और हड़ताल टालने पर सहमति बनी।
वैट कटौती को लेकर सरकार के सकारात्मक संकेत
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की प्रमुख मांग पेट्रोल और डीजल पर वैट में 5 प्रतिशत की कटौती है। डीलर्स का कहना है कि राजस्थान में ईंधन पर अधिक टैक्स होने के कारण सीमावर्ती जिलों के लोग हरियाणा और पंजाब से पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं, जिससे राज्य के पेट्रोल पंपों को भारी नुकसान हो रहा है। सरकार ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है। जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को जयपुर सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है। बैठक में वित्त विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारी भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वैट कटौती और अन्य मांगों पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
डीलर्स ने चलाया था राज्यव्यापी अभियान
पेट्रोल पंप संचालकों ने पिछले कई सप्ताह से राज्यभर में ज्ञापन अभियान चलाया था। सभी जिलों में कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। डीलर्स ने बताया कि वैट की विसंगति, सीएनजी की ऊंची कीमतें और सरकारी बकाया भुगतान नहीं मिलने से कारोबार घाटे में पहुंच गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस शांतिपूर्ण आंदोलन और एकजुटता ने सरकार पर सकारात्मक दबाव बनाया, जिसके बाद वार्ता का रास्ता खुला।
RPDA ने दी चेतावनी
आरपीडीए ने साफ कहा है कि आंदोलन को केवल 15 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। अगर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में फिर से बड़ा आंदोलन किया जा सकता है। संगठन ने कहा कि 1 जून की बैठक और उसके बाद जारी होने वाले सरकारी आदेशों पर पूरी नजर रखी जाएगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







