जुलाई में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 4.45% पर पहुंची: खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से लगा झटका, शहरों से ज्यादा गांवों में बढ़ी महंगाई

देश में जुलाई 2026 के दौरान खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में तेजी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से रसोई के बजट को प्रभावित करने वाले खाद्य पदार्थों (Food Items) की ऊंची कीमतों के कारण जुलाई 2026 में भारत की कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई, जो जून महीने में 4.38% थी। इसके साथ ही महंगाई का आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 फीसदी के मध्यम अवधि के लक्ष्य (Mid-Term Target) से ऊपर बना हुआ है।

हालांकि, जुलाई के ये आंकड़े अर्थशास्त्रियों के अनुमानों के अनुरूप ही माने जा रहे हैं। रॉयटर्स के इकोनॉमिस्ट सर्वे में जुलाई के लिए महंगाई दर 4.50% रहने का अनुमान जताया गया था। आंकड़ों के मुताबिक, CPI जनरल इंडेक्स में महीने-दर-महीने आधार पर 0.9% की वृद्धि देखी गई, जबकि फूड प्राइस इंडेक्स में अकेले जुलाई महीने में 2.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ग्रामीण इलाकों में महंगाई की मार अधिक

जुलाई के दौरान शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में महंगाई में अधिक तेजी देखी गई। गांवों में खुदरा महंगाई दर जून के 4.74% से बढ़कर जुलाई में 4.84% हो गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.93% से मामूली रूप से बढ़कर 3.96% दर्ज की गई। कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) द्वारा मापी जाने वाली खाद्य महंगाई जुलाई में बढ़कर 5.52% हो गई, जो जून में 5.32% थी। इसके अलावा, खाद्य और पेय पदार्थों (Food and Beverages) सेगमेंट में महंगाई दर 5.05% से बढ़कर 5.24% रिकॉर्ड की गई।

प्याज, लहसुन और अदरक के दामों में जबरदस्त उछाल

सब्जियों और मसालों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर महंगाई के आंकड़ों में साफ दिखाई दिया: प्याज: जून में प्याज की महंगाई दर 4.73% थी, जो जुलाई में उछलकर 22.54% पर पहुंच गई। लहसुन: लहसुन की कीमतों में महंगाई 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई। अदरक: अदरक की महंगाई दर सबसे अधिक 83.62% दर्ज की गई, जो जून में 50.41% थी। हालांकि, कुछ सब्जियों से राहत भी मिली। आलू की कीमतों में 16.56%, भिंडी में 5.52% और टमाटर की कीमतों में 4.59% की गिरावट दर्ज की गई।

अन्य सेवाएं और उत्पाद भी हुए महंगे

सब्जियों के अलावा अन्य सेवाओं और व्यक्तिगत वस्तुओं के दाम में भी बढ़ोतरी देखी गई। रेस्तरां और आवास सेवाओं (Restaurants and Accommodation) में 7.72% की महंगाई दर दर्ज की गई, जबकि कपड़े और जूते (Clothing and Footwear) 3.38% महंगे हुए। पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और विविध सेवाओं में महंगाई दर 14.77% के उच्च स्तर पर रही, जिसमें मुख्य योगदान अन्य व्यक्तिगत सामानों की कीमतों में आई 43.54% की भारी तेजी का रहा।

चालू वित्त वर्ष के लिए RBI का अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तिमाही-वार महंगाई के जो अनुमान जारी किए हैं, उनके अनुसार:

  • पहली तिमाही (Q1): 4.1%

  • दूसरी तिमाही (Q2): 4.7%

  • तीसरी तिमाही (Q3): 5.9%

  • चौथी तिमाही (Q4): 5.5%

केन्द्रीय बैंक का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में महंगाई अपने चरम पर पहुंचेगी और इसके बाद इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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