Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। अमेरिकी नेवी की कथित नाकेबंदी और क्षेत्रीय तनाव के चलते उठाए गए इस कदम का असर भारत समेत कई देशों के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। इस बीच ईरान ने अपने फैसले का बचाव करते हुए भारत को हो रही परेशानियों पर अफसोस जताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि ईरान को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि अमेरिका और इज़रायल ने गल्फ क्षेत्र में अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करते हुए ईरान पर हमले किए।
“अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उठाया कदम”
ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद करना अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में लिया गया फैसला है। बघाई ने कहा कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा मार्गों में आई बाधा के लिए ईरान नहीं बल्कि अमेरिका और इज़रायल जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए खुला था। लेकिन अमेरिका और इज़रायल के हमलों के बाद ईरान को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए कदम उठाने पड़े।”
भारत को हो रही परेशानी पर जताई चिंता
ईरान ने माना कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत सहित कई देशों को आर्थिक और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि ईरान ने कहा कि उसे इस स्थिति से खुशी नहीं है। बघाई ने कहा, “भारत और अन्य देशों को हो रही दिक्कतों से हम खुश नहीं हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिका और इज़रायल की कार्रवाई जिम्मेदार है। ईरान को मजबूरी में यह फैसला लेना पड़ा।”
भारत-ईरान संबंधों का किया जिक्र
ईरानी प्रवक्ता ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रिश्ते लंबे समय से बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “भारत समझता है कि संयुक्त राष्ट्र के एक संप्रभु सदस्य के रूप में ईरान पर दो परमाणु-सशस्त्र देशों ने अन्यायपूर्ण तरीके से हमला किया है। भारत और ईरान के संबंध हमेशा सकारात्मक रहे हैं और हम इन्हें आगे भी मजबूत बनाए रखना चाहते हैं।”
ट्रंप ने ईरान से खोले जाने की अपील की
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की अपील की थी। हालांकि ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक यह अहम समुद्री मार्ग बंद रहेगा। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








