जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, सचिन पायलट ने सरकार को घेरा

राजस्थान में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में भी सिजेरियन प्रसव के बाद 8 महिलाओं की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है। इनमें से दो महिलाओं की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदहाल होती जा रही हैं और सरकार उन्हें संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

सचिन पायलट ने जताई चिंता

सचिन पायलट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने और दो प्रसूताओं की किडनी प्रभावित होने की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कोटा और बीकानेर में भी कई प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आए थे, जिनमें कुछ महिलाओं की मौत तक हो गई थी। इसके बावजूद सरकार ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासनकाल में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार खराब हो रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

कांग्रेस नेता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। साथ ही पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

पावटा जिला अस्पताल में मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, 20 जून को पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराने वाली 8 महिलाओं की तबीयत ऑपरेशन के कुछ समय बाद अचानक बिगड़ गई। महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताएं सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम सक्रिय हुई और सभी मरीजों की निगरानी शुरू कर दी गई।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने क्या कहा?

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर के प्रिंसिपल डॉ. फतेह सिंह जोधा ने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन वाले दिन अत्यधिक तापमान भी एक चुनौती थी। उनके अनुसार दो महिलाओं को विशेष स्वास्थ्य समस्याएं हुईं। एक मरीज को उच्च रक्तचाप की शिकायत हुई जबकि दूसरी महिला को ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव का सामना करना पड़ा। दोनों को बेहतर उपचार के लिए अन्य चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया है। डॉ. जोधा ने बताया कि वरिष्ठ चिकित्सकों और माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञों की टीम ने विभिन्न नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट का इंतजार

स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। हालांकि घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में प्रसूता महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे संक्रमण, दवा, ऑपरेशन प्रक्रिया या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment