JPSC-JSSC Protest: रांची में छात्रों और पुलिस में झड़प, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को उस समय हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। विधानसभा के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस के मुताबिक, भीड़ के एक हिस्से ने पत्थरबाजी की और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस और हल्के लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि पुलिस ने शुरुआत में प्रदर्शनकारियों के साथ संयम बरता। उनका कहना है कि जब कुछ लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हुआ, तब स्थिति को काबू करने के लिए बल प्रयोग करना जरूरी हो गया।

बैरिकेड टूटने से तीन पुलिसकर्मी भीड़ में फंसे

सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बैरिकेड्स तोड़े जाने के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। बैरिकेडिंग टूटने के दौरान सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मी गिर गए और भीड़ के बीच फंस गए। पुलिस का कहना है कि उस समय इन जवानों के कुचले जाने का खतरा पैदा हो गया था। अपने साथियों को भीड़ से सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। एसपी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जवानों को सुरक्षित बाहर निकालना और स्थिति को नियंत्रित करना था।

15-20 प्रतिशत लोगों पर उपद्रव करने का आरोप

रांची सिटी एसपी ने कहा कि पुलिस पूरे प्रदर्शन में शामिल उम्मीदवारों को दोषी नहीं मान रही है। उनके मुताबिक, करीब 80 से 90 प्रतिशत उम्मीदवार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि भीड़ में मौजूद करीब 15 से 20 प्रतिशत लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पत्थरबाजी की। पारस राणा के अनुसार, पत्थरबाजी में तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें दो पुलिसकर्मियों के सिर में चोट लगी और उन्हें टांके लगाने पड़े। पुलिस ने संवेदनशील और मुश्किल इलाकों में भीड़ को पीछे हटाने के लिए डमी शेल और स्मोक ग्रेनेड का भी इस्तेमाल किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा- हम दंगाई नहीं, छात्र हैं

दूसरी ओर, विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार के किसी प्रतिनिधि से बातचीत की उम्मीद कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि छात्र पुलिस से लड़ने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने के लिए नहीं आए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई छात्र सुबह से बिना खाना-पानी लिए प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। प्रदर्शनकारी ने कहा कि यदि सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि आकर उनकी मांगों पर भरोसा दिलाता, तो उन्हें बैरिकेड्स तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। लंबे समय तक सुनवाई नहीं होने के कारण छात्रों का धैर्य जवाब दे गया।

बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी

रांची में प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश भी हुई, लेकिन इसके बावजूद कई उम्मीदवार मौके पर डटे रहे। कई छात्र हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते नजर आए। पुलिस प्रशासन ने लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों से मौके से हटने और अपने घर लौटने की अपील की। हालांकि, बारिश के बीच भी काफी संख्या में उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। JPSC और JSSC परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर जारी यह आंदोलन अब बातचीत और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच पहुंच गया है। छात्रों की मांगों और सरकार की प्रतिक्रिया के बीच आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा महत्वपूर्ण होगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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