जयपुर। जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र स्थित रामपुरा कंवरापुरा में सरकारी प्राथमिक स्कूल के निरीक्षण को लेकर हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हुई कहासुनी, हाथापाई और वाहनों में तोड़फोड़ के बाद शिवदासपुरा थाने में दोनों पक्षों की ओर से परस्पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। DCP साउथ राजऋषि राज की देखरेख में शिवदासपुरा थाना अधिकारी राजेश गौतम मामले की पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
स्कूल के निरीक्षण को लेकर शुरू हुआ विवाद
मामला शुक्रवार को उस समय सामने आया, जब CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में टीम कंवरापुरा स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का रिएलिटी चेक करने पहुंची। टीम की ओर से स्कूल भवन की जर्जर स्थिति और उसके आसपास तबेले होने का दावा किया गया था। CJP टीम के गांव में पहुंचने और स्कूल के नजदीक जाने के दौरान कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि स्कूल का इस्तेमाल पब्लिसिटी स्टंट के लिए किया जा रहा है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान CJP कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट तथा उनकी गाड़ियों के शीशे तोड़े जाने के आरोप लगाए गए हैं।
दोनों पक्षों ने पुलिस में दी शिकायत
घटना के बाद CJP कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शिवदासपुरा पुलिस थाने पहुंचे। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर पुलिस ने परस्पर FIR दर्ज की है। CJP की ओर से आरोप लगाया गया है कि टीम केवल सरकारी स्कूल की वास्तविक स्थिति सामने लाने और बच्चों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाने पहुंची थी। कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनके साथ मारपीट की गई और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। CJP प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और मामले में शामिल लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं पर गांव का माहौल खराब करने और बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश कर अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। मामले में किस पक्ष के आरोप कितने सही हैं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







