NEET री-एग्जाम से पहले बड़ा विवाद: नागपुर के छात्र का सेंटर पहुंचा अबू धाबी, राहुल गांधी ने साधा निशाना

नई दिल्ली। NEET UG री-एग्जाम 2026 से पहले एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार मामला महाराष्ट्र के नागपुर के एक छात्र से जुड़ा है, जिसके एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत की बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में आवंटित कर दिया गया। घटना सामने आने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

एडमिट कार्ड देखकर परिवार रह गया हैरान

जानकारी के अनुसार छात्र पिछले कई सप्ताह से री-एग्जाम की तैयारी में जुटा हुआ था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्शाया गया। यह देखकर छात्र और उसके परिजन हैरान रह गए। परिवार का कहना है कि छात्र ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी भी विदेशी परीक्षा केंद्र का चयन नहीं किया था। ऐसे में एडमिट कार्ड में विदेश स्थित सेंटर का आवंटन होना गंभीर प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करता है।

परीक्षा से पहले बढ़ा तनाव

पहले से ही परीक्षा को लेकर दबाव और तनाव झेल रहे अभ्यर्थी के लिए यह घटना बड़ा झटका साबित हुई। परीक्षा से महज कुछ घंटे पहले सामने आई इस गलती ने छात्र की मानसिक स्थिति पर असर डाला और उसके परिवार की चिंता भी बढ़ा दी। हाल के दिनों में NEET परीक्षा को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। पेपर लीक, पुनर्परीक्षा और परीक्षा केंद्रों से जुड़ी शिकायतों के बीच यह नया मामला भी चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

मामले को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नागपुर के छात्र के साथ हुई घटना देश की परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां युवाओं का समय और मानसिक शांति दोनों छीन रही हैं।

NTA पर उठे सवाल

घटना के बाद NTA की कार्यप्रणाली को लेकर फिर बहस शुरू हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा में इस तरह की त्रुटियां अभ्यर्थियों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकती हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एजेंसी इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देती है और प्रभावित छात्र को किस तरह राहत प्रदान की जाती है। फिलहाल मामले को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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