राम मंदिर चढ़ावा विवाद: पूर्व मंत्री पवन पांडे को मिली जान से मारने की धमकी, बोले- ‘सच बोलना नहीं छोड़ूंगा’

अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर के दान पात्र से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक पवन पांडे ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है। उनका आरोप है कि मोबाइल संदेश के जरिए उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने चढ़ावे के मामले पर बोलना बंद नहीं किया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। धमकी मिलने के बाद पवन पांडे ने कहा कि वह किसी भी दबाव या डर से पीछे हटने वाले नहीं हैं और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे।

मैसेज के जरिए दी गई चेतावनी

पवन पांडे के अनुसार, उन्हें भेजे गए संदेश में कहा गया कि राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चुप हो जाएं, अन्यथा अंजाम अच्छा नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि यह धमकी उन्हें इसलिए दी गई क्योंकि वह लगातार इस मामले में सवाल उठा रहे हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में किसी को अपनी बात रखने से रोकने के लिए इस तरह की धमकियां देना गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी उठाया था मुद्दा

पवन पांडे पिछले कुछ दिनों से राम मंदिर के दान पात्र से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा था कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और मंदिर में आने वाले दान से जुड़ी किसी भी कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

ट्रस्ट पर लगाए थे गंभीर आरोप

इससे पहले पवन पांडे ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ जिम्मेदार लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कथित चोरी की घटना बिना संरक्षण के संभव नहीं हो सकती। हालांकि ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है। इस पूरे प्रकरण की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई

धमकी मिलने के बाद पवन पांडे ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान से जुड़े मामले की सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल धमकी के दावे और राम मंदिर चढ़ावा विवाद—दोनों मामलों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है। अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

 

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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