Bhajan Lal Sharma सरकार में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि राजस्थान सरकार में छह नए चेहरों को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। जून 2026 में भजनलाल सरकार के कार्यकाल के ढाई साल पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक एक बार भी मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि जल्द ही नए मंत्रियों की घोषणा हो सकती है।
सरकार में अभी 6 मंत्री पद खाली
वर्तमान में राजस्थान सरकार में कुल 24 मंत्री हैं। 200 सदस्यीय Rajasthan Legislative Assembly में संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अधिकतम 30 विधायक मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस हिसाब से अभी भी छह मंत्री पद खाली हैं, जिन पर नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार केवल नए मंत्रियों की नियुक्ति ही नहीं, बल्कि मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है।
दिल्ली में हुई अहम बैठकें
मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने रविवार को दिल्ली में भाजपा नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने Nitin Nabin और भाजपा संगठन महामंत्री B. L. Santhosh से अलग-अलग बैठक की। बताया जा रहा है कि इन बैठकों में राजस्थान के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस बार नए चेहरों को प्राथमिकता देने की रणनीति पर काम कर रही है, हालांकि कुछ अनुभवी नेताओं को भी जगह मिल सकती है।
पंचायत और निकाय चुनाव के कारण हुई देरी
राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पिछले साल से चर्चाएं चल रही थीं। Chhattisgarh और Madhya Pradesh में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि राजस्थान में भी जल्द विस्तार होगा। लेकिन पंचायत और नगर निकाय चुनावों की संभावनाओं के चलते इस प्रक्रिया को टाल दिया गया। अब माना जा रहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव दिसंबर 2026 तक हो सकते हैं। ऐसे में चुनाव से पहले सरकार मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है।
अन्य भाजपा शासित राज्यों में हो चुका विस्तार
नवंबर 2023 में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव हुए थे। इनमें राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा ने सरकार बनाई थी। Mohan Yadav सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार जुलाई 2024 में हो चुका है, जबकि Vishnu Deo Sai सरकार ने भी अगस्त 2024 में विस्तार कर लिया था। हालांकि राजस्थान अब तक इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहा है।
नए समीकरणों पर नजर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है। ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए पार्टी संगठन और सरकार दोनों को मजबूत करने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







