राजस्थान में 2 दिन Work From Home पर मंथन! पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए सरकार ला सकती है बड़ा फैसला

राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भजनलाल सरकार बड़े कदम उठाने की तैयारी में नजर आ रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने और ईंधन बचत की अपील के बाद अब राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन विभिन्न विभागों से सुझाव मांगे गए हैं और जल्द ही इस संबंध में बड़ा ऐलान हो सकता है।

मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma खुद भी ईंधन बचत अभियान को लेकर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अपने सरकारी काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या कम की है और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) का इस्तेमाल शुरू किया है। इसके अलावा राजस्थान सरकार के कई मंत्री और विधायक भी अब ईवी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं।

ट्रेन और रोडवेज बस से सफर कर दे रहे संदेश

राजस्थान की उप मुख्यमंत्री Diya Kumari हाल ही में ट्रेन में सफर करती नजर आईं, जबकि उप मुख्यमंत्री Prem Chand Bairwa ने राजस्थान रोडवेज बस में यात्रा कर लोगों को ईंधन बचत का संदेश दिया। सरकार इसे एक जनजागरूकता अभियान के रूप में भी देख रही है ताकि आम लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें और साझा परिवहन को अपनाएं।

ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट भी स्थगित

ईंधन बचत और यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से जयपुर में 23 से 25 मई तक प्रस्तावित ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम-2026’ को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से लाखों किसान, कृषि विशेषज्ञ और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होने वाले थे। सरकार का मानना है कि इतने बड़े आयोजन में भारी मात्रा में ईंधन खर्च होता है और ट्रैफिक पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में सरकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल मोड में आयोजित करने की तैयारी है। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की गैरजरूरी यात्राओं पर भी रोक लगाने की योजना बनाई जा रही है।

आम जनता से भी सहयोग की अपील

राज्य सरकार ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों को कार पूलिंग, मेट्रो, बस और अन्य साझा परिवहन साधनों का अधिक इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर ईंधन की बड़ी बचत की जा सकती है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

दिल्ली मॉडल की भी हो रही चर्चा

दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने भी हाल ही में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए अपने घर से सचिवालय तक का सफर पैदल, मेट्रो और फीडर बस के जरिए तय किया था। दिल्ली सरकार पहले ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि राजस्थान सरकार भी इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रही है।

क्या बदल सकती है सरकारी कार्य संस्कृति?

अगर राजस्थान सरकार वर्क फ्रॉम होम नीति लागू करती है, तो इससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। साथ ही ट्रैफिक जाम, ईंधन खर्च और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि भजनलाल सरकार इस मुद्दे पर कब और क्या अंतिम फैसला लेती है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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