री-नीट यूजी 2026: NTA की स्क्रूटनिंग में बड़ा खुलासा, शिकायतों में मिलीं फर्जी और AI से बनीं ओएमआर शीट्स; पुलिस कार्रवाई की चेतावनी

कोटा: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा री-नीट यूजी 2026 (Re-NEET UG 2026) के परिणामों और अंकतालिका को लेकर चल रहा विवाद अब एक चौंकाने वाले मोड़ पर पहुंच गया है। राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से सामने आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा में कम अंक आने या विसंगति का दावा करने वाले अभ्यर्थियों की जांच के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भारी संख्या में फर्जी, एडिटेड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई ओएमआर (OMR) शीट्स मिली हैं। इस बड़े फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद एनटीए ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है।

स्क्रूटनिंग में पकड़ी गईं AI जनरेटेड ओएमआर शीट्स री-नीट यूजी 2026 के नतीजे घोषित होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने अपने संभावित अंकों और एनटीए की आधिकारिक ओएमआर शीट में अंतर होने का दावा करते हुए शिकायतें दर्ज कराई थीं। जब एनटीए के तकनीकी विशेषज्ञों ने शिकायतों की जांच शुरू की, तो पता चला कि पोर्टल या ईमेल पर भेजी गई कई ओएमआर शीट्स एनटीए के मूल डेटाबेस से मेल ही नहीं खाती हैं।

जांच में सामने आया कि फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर और एआई (AI) टूल्स की मदद से ओएमआर शीट्स में हेरफेर कर कट-ऑफ से ज्यादा नंबर दिखाए गए थे। हालांकि, एनटीए के डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड से मिलान करते ही इस जालसाजी की पोल खुल गई।

फर्जी दस्तावेज दिए तो दर्ज होगी एफआईआर, करियर होगा बर्बाद एनटीए ने स्पष्ट कर दिया है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। एआई या एडिटिंग के जरिए फर्जी ओएमआर जमा कराने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर अपराध की धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। ऐसे छात्रों का री-नीट अभ्यर्थन रद्द करने के साथ ही उन्हें भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से हमेशा के लिए डिबार (Debar) कर दिया जाएगा।

मूल OMR के आधार पर ही दर्ज कराएं शिकायत एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार, एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर चल रहे भ्रामक दावों से बचने की अपील की है। एजेंसी ने कहा है कि यदि किसी अभ्यर्थी को अपने अंकों में कोई वास्तविक विसंगति दिखती है, तो वह केवल अपने आधिकारिक लॉगिन पोर्टल पर मौजूद मूल ओएमआर शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स के आधार पर ही आपत्ति दर्ज कराए।

15% ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग का इंतजार फर्जीवाड़े की जांच के बीच री-नीट यूजी 2026 में सफल हुए लाखों छात्र अब 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (MBBS/BDS) काउंसलिंग का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एनटीए अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतों का सत्यापन पूरा होते ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही काउंसलिंग शेड्यूल जारी करेगी।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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