जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र सांगानेर को एक वैश्विक मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को 631 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जयपुर के सांगानेर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया और क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को मालिकाना हक के पट्टे भी वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित करते हुए आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सांगानेर का इतिहास जयपुर से भी पुराना: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि सांगानेर का इतिहास जयपुर शहर की स्थापना से भी लगभग 200 वर्ष पुराना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदियों से व्यापार, संस्कृति और हस्तशिल्प का प्रमुख केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 में सांगानेर अपनी स्थापना के 500 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर को राज्य सरकार भव्य रूप से मनाएगी, ताकि सांगानेरी प्रिंट और स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जयपुर के परकोटे के ऐतिहासिक द्वार प्रसिद्ध हैं, उसी तरह सांगानेर की ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित और विकसित किया जाएगा।
700 परिवारों को मिला मालिकाना हक
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लंबे समय से पट्टों का इंतजार कर रहे परिवारों को बड़ी राहत देते हुए कुल 700 पट्टों का वितरण किया।
पट्टा वितरण अभियान के तहत:
- मानसरोवर निवासी रंजीत सिंह को पहला पट्टा सौंपा गया।
- जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा 400 पट्टों का वितरण किया गया।
- नगर निगम जयपुर की ओर से 300 परिवारों को पट्टे दिए गए।
इस पहल से सैकड़ों परिवारों को अपने आवास और भूखंडों का कानूनी स्वामित्व प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
स्वच्छता कर्मियों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री ने शहर की सफाई व्यवस्था में योगदान देने वाले स्वच्छता सिपाहियों को मंच पर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और विकसित शहर के निर्माण में सफाई कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान उन्हें सम्मान राशि के चेक भी वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांगानेर को आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस करने के लिए 631 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। विकास पैकेज के तहत नई सड़कों का निर्माण और मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। मुख्य बाजारों और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होगा और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या में भी कमी आएगी। बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर नए फ्लाईओवर और ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इससे टोंक रोड, मानसरोवर और सांगानेर के बीच यातायात का दबाव कम होगा तथा लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
बिजली और पेयजल व्यवस्था का होगा आधुनिकीकरण
परियोजना के तहत नए ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। वहीं पुरानी पेयजल पाइपलाइनों को बदलकर बीसलपुर परियोजना के पानी की आपूर्ति को और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि सांगानेर को एक आदर्श और आधुनिक शहरी क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। उन्होंने नागरिकों से विकास कार्यों में सहयोग देने और क्षेत्र को स्वच्छ व व्यवस्थित बनाए रखने की अपील भी की।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







