बीकानेर में 65 लाख के नकली नोट बरामद, 500 के बंडलों में छिपा था खेल; दो आरोपी गिरफ्तार

बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले में पुलिस ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए करीब 65 लाख रुपये के कूटरचित नोट बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुलिस को आशंका है कि इस मामले के तार किसी बड़े गिरोह और अवैध लेन-देन नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान यह बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 64.87 लाख रुपये के नकली नोट, 13 हजार रुपये की असली भारतीय मुद्रा और बिना नंबर की एक एसयूवी जब्त की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

नाकाबंदी के दौरान पकड़ी गई संदिग्ध एसयूवी

जानकारी के अनुसार, पुलिस को कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद क्षेत्र में विशेष निगरानी रखी जा रही थी। शनिवार तड़के करीब चार बजे सीओ निकेत पारीक और थानाधिकारी कश्यप सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम घुम चक्कर सर्किल पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान बीकानेर की ओर से आ रही बिना नंबर की एक एसयूवी को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में बड़ी मात्रा में संदिग्ध नोट मिलने पर पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ की। जांच के दौरान नोट नकली पाए गए, जिसके बाद मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

500 के नोटों की गड्डियों में छिपा था फर्जीवाड़ा

पुलिस जांच में सामने आया कि 500 रुपये के नोटों की गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट लगाए गए थे, जबकि बीच में सफेद कागज रखे गए थे। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि इस तरीके का इस्तेमाल लोगों को धोखा देने और बड़ी रकम के अवैध सौदों में असली नोट होने का भ्रम पैदा करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह तरीका आमतौर पर ठगी, हवाला कारोबार और अवैध वित्तीय लेन-देन में इस्तेमाल किया जाता है।

दो आरोपी गिरफ्तार, सरगना की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में जैतासर निवासी ओमप्रकाश पुत्र विजयपाल नैण और धोलिया निवासी महेंद्र उर्फ मनोज पुत्र सीताराम गोदारा को गिरफ्तार किया है। वारदात में इस्तेमाल की गई एसयूवी को भी जब्त कर लिया गया है। पूछताछ में संकेत मिले हैं कि दोनों आरोपी नकली नोटों को बाजार में खपाने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

अन्य जिलों तक फैले हो सकते हैं नेटवर्क के तार

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि गिरोह का नेटवर्क केवल बीकानेर तक सीमित नहीं है। इसके तार राजस्थान के अन्य जिलों और संभवतः दूसरे राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नकली नोटों की छपाई कहां हुई, इन्हें किसके जरिए सप्लाई किया जाना था और इस अवैध कारोबार में कितने लोग शामिल हैं।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में एएसआई सुरेश कुमार की विशेष भूमिका रही। उनके साथ एएसआई गजेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल लेखराम और इन्द्रचंद, कांस्टेबल नरेंद्र सिंह, अशरफ, महेश, गोपी, रामनिवास (डीआर) तथा रविन्द्र सिंह ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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