मोदी की अपील के बाद शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये डूबे

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि कुछ ही देर में सेंसेक्स करीब 1000 अंक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 24 हजार के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार की इस बड़ी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया और महज कुछ घंटों में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की पूंजी साफ हो गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट

कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला BSE Sensex करीब 1000 अंक टूटकर 76,364 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 1 फीसदी से ज्यादा गिरकर 23,896 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में सिर्फ लार्जकैप शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।

निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान

इस गिरावट का सबसे बड़ा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। Bombay Stock Exchange में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 473.5 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 469.5 lakh करोड़ रुपये पर आ गया। यानी कुछ ही समय में निवेशकों के लगभग 4 लाख करोड़ रुपये डूब गए।

अमेरिका-ईरान तनाव बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। निवेशकों को उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच बातचीत से हालात सामान्य हो सकते हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि बातचीत पूरी तरह विफल होती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा खतरा बताया है।

मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर दुनियाभर में कच्चे तेल और ऊर्जा कीमतों पर दिखाई दे रहा है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, जिससे रुपये पर दबाव और महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

पीएम मोदी की अपील

इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से सोने की खरीदारी कम करने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की है। पीएम ने कहा कि भारत के आसपास युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसका असर पूरी दुनिया के साथ भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचाने और अनावश्यक खर्च से बचने का आग्रह किया।

बाजार में आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अमेरिका-ईरान तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता फिलहाल भारतीय बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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