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CJI गवई पर जूता फेंकने वाले वकील को रिहा किया गया, बोले- ‘कोई अफसोस नहीं, नहीं हूं डरा’

नई दिल्ली, 07 अक्टूबर: सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर को देर रात हिरासत से रिहा कर दिया गया। रिहाई के अगले दिन आरोपी वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस घटना का कोई अफसोस नहीं है और वह बिल्कुल भी नहीं डरे हुए हैं।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों की ओर से वकील के खिलाफ कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। इसके बाद, लगभग तीन घंटे तक सुप्रीम कोर्ट परिसर में ही पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने और उनकी सहमति मिलने के बाद उन्हें रिहा करने का निर्णय लिया गया।

“यह CJI की हरकत पर मेरी प्रतिक्रिया थी” – राकेश किशोर

मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए राकेश किशोर ने अपने कृत्य के पीछे का कारण स्पष्ट किया। उन्होंने 16 सितंबर को दायर एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान CJI द्वारा की गई कथित टिप्पणियों का हवाला दिया।

उन्होंने कहा, “जब हमारे सनातन धर्म से जुड़ा कोई मामला आता है, तो सुप्रीम कोर्ट ऐसे आदेश देता है। याचिकाकर्ता को राहत मत दो, लेकिन उसका मज़ाक भी मत उड़ाओ।” किशोर ने आगे दावा किया कि CJI ने याचिकाकर्ता से कहा था, “जाओ और मूर्ति से प्रार्थना करो और उसे अपना सिर वापस लगाने को कहो।” किशोर ने जोर देकर कहा, “मैं दुखी था, मैं नशे में नहीं था। यह CJI की हरकत पर मेरी प्रतिक्रिया थी।… CJI को अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए बयान देने चाहिए।”

सुनवाई के दौरान हुई थी घटना

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान राकेश किशोर ने CJI गवई की ओर एक जूता फेंकने का प्रयास किया था। हालांकि, कोर्टरूम में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया और यह प्रयास विफल रहा। इसके बाद उन्हें कोर्टरूम से बाहर निकाल दिया गया, जहाँ वह “सनातन का अपमान नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाते रहे।

बार एसोसिएशन ने रद्द किया लाइसेंस

हमले की कोशिश के बाद CJI गवई ने कोर्ट से कहा था, “इस सब से विचलित न हों, हम भी विचलित नहीं हैं क्योंकि इस तरह की बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं।” हालांकि आरोपी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने तुरंत राकेश किशोर का वकील लाइसेंस रद्द कर दिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी उन्हें निलंबित कर दिया है, जिससे उनका कानूनी पेशा अब गंभीर संकट में है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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